मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) आक्रामक है। आज सुबह करीब 9 बजे सीजेपी के नेता ने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे और प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। सीजेपी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका कुछ साथियों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
इसका वीडियो खुद आशुतोष रांका और सीजेपी ने शेयर किया है। इसमें रांका कई समर्थकों के साथ झंडे लेकर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो के नारे लगा रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि इस दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
सौरव दास ने कहा कि हम जंतर-मंतर में प्रवेश कर चुके हैं और अब हमें हिरासत में लिया जा रहा है! लेकिन यह हम सभी युवा पीढ़ी के लिए एक संदेश है! हम यह कर सकते हैं!
सीजेपी के नेता आज ऐसे समय में जंतर-मंतर पहुंचे हैं, जब सरकार ने जंतर मंतर को प्रदर्शन करने वाली जगह की सूची से हटा दिया है। इसपर सीजेपी ने कड़ी नाराजगी जताई।
आज ही अभिजीत दीपके ने कहा कि नरेंद्र मोदी का डर इस बात से स्पष्ट है कि उन्होंने जंतर मंतर को विरोध स्थल के रूप में हटा दिया है। उन्हें लगता है कि अगर जंतर मंतर अब विरोध प्रदर्शन का स्थल नहीं रहेगा और यह बंद हो जाएगा, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है।
अभिजीत दीपके ने साथ ही आशुतोष रांका की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ”जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराते आशुतोष रांका।” उन्होंने सेल्यूट वाला इमोजी भी एक्स पर पोस्ट किया।
दिल्ली में 10 अक्टूबर को सीजेपी ने प्रदर्शन का ऐलान किया था। सीजेपी के अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में ले लिया। इसके साथ ही पुलिस ने अलग-अलग जगहों से 7000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। बाद सभी को पुलिस ने छोड़ दिया।
अब सीजेपी अगले प्लान की भी तैयारी में है। 12 अक्टूबर को सीजेपी के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे और पुलिस ने प्रदर्शन की तारीख मांगी।
सीजेपी ने कहा कि हमने 24 घंटे का वक्त पुलिस को दिया है। अगर पुलिस तारीख नहीं बताती है तो वो अगला फैसला बताएगी।
