चक्रवात ‘माइचौंग’ ने पकड़ी रफ्तार, तमिलनाडु, आंध्र और ओडिशा में भारी बारिश की आशंका


राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव से आने वाले खतरे से निपटने के लिए कमर कस रहे हैं, जिसके ‘माइचौंग’ नामक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है।


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चेन्नई। चक्रवात ‘माइचौंग’ को लेकर चेन्नई के मौसम विज्ञान के उप-महानिदेशक एस बालचंद्रन ने शनिवार को कहा कि यह अभी उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर दबाव है… चक्रवात उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और अगले 24 घंटों में चक्रवात के और अधिक केंद्रित होने की संभावना है।” मौसम अधिकारी ने आगे बताया, “चक्रवात ‘माइचौंग’ उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा और 4 तारीख तक दक्षिण आंध्र की पश्चिम मध्य खाड़ी और उत्तरी तमिलनाडु तट तक पहुंच जाएगा। फिर यह उत्तर दिशा में तट के समानांतर चलेगा…”

आईएमडी ने अपने सुबह के बुलेटिन में कहा कि दबाव क्षेत्र 18 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़कर एक गहन दबाव क्षेत्र में तब्दील हो गया है। बुलेटिन में कहा गया है कि यह सुबह साढ़े पांच बजे पुडुचेरी से लगभग 500 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, चेन्नई से 510 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, नेल्लोर से 630 किलोमीटर दक्षिणपूर्व और मछलीपट्टनम से 710 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में केंद्रित था। आईएमडी ने कहा कि इस मौसमी प्रणाली के पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले 24 घंटे में बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी में चक्रवाती तूफान में तब्दील होने का अनुमान है।

बुलेटिन में कहा गया है कि इसके बाद, यह उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और चार दिसंबर तक दक्षिण आंध्र प्रदेश व निकटवर्ती उत्तरी तमिलनाडु के तटों से होते हुए पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंच जाएगा। इस बीच, कलईसेल्वी, कांचीपुरम, चेन्नई, चेंगलपेट और तिरुवल्लोर जिलों के कलेक्टर ने आईएमडी द्वारा भारी बारिश के पूर्वानुमान के कारण 4 दिसंबर को स्कूलों और कॉलेजों के लिए छुट्टी की घोषणा की है।

आईएमडी ने कहा, “इसके बाद, यह लगभग उत्तर की ओर लगभग समानांतर और दक्षिण आंध्र प्रदेश तट के करीब बढ़ेगा और पांच दिसंबर को एक चक्रवाती तूफान बनकर नेल्लोर व मछलीपट्टनम के बीच से गुजरेगा। इस दौरान 80-90 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चलने का अनुमान है, जो 100 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंच सकती है।”

आईएमडी ने कहा कि यदि यह मौसमी प्रणाली चक्रवात में तब्दील हो जाती है, तो इसे ‘माइचौंग’ कहा जाएगा। यह म्यांमार द्वारा सुझाया गया नाम है। आईएमडी ने कहा कि इसके प्रभाव के चलते ओडिशा में चार और पांच दिसंबर को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। आईएमडी ने पांच दिसंबर को तटीय जिलों गजपति, गंजम, पुरी और जगतसिंहपुर में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान जताया है।

इस बीच, राज्य के विशेष राहत आयुक्त ने बंगाल की खाड़ी में चक्रवात की आशंका के मद्देनजर सात तटीय जिलों – बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, पुरी, खुर्द और गंजम को सावधानी बरतने के लिए कहा है। आईएमडी ने कहा कि समुद्री स्थितियां खराब होंगी और मछुआरों को अगली सूचना तक गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव से आने वाले खतरे से निपटने के लिए कमर कस रहे हैं, जिसके ‘माइचौंग’ नामक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है।

‘द हिंदू’ के मुताबिक, एनडीआरएफ 10वीं बटालियन के कमांडेंट जाहिद खान ने कहा, “टीमों को सभी गियर जैसे जैकेट, कटिंग मशीन, फुली हुई नाव, ड्रैगन लाइट, रस्सियों और अन्य बचाव उपकरणों के साथ उन सभी स्थानों पर तैनात किया जाएगा जहां तूफान के गुजरने की संभावना है।”

आंध्र प्रदेश के संभावित प्रभावित क्षेत्रों में चक्रवात ‘माइचौंग’ से निपटने के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में बताते हुए खान ने कहा कि बचाव और पुनर्वास कार्यों के लिए 10 से अधिक टीमें तैनात की जाएंगी। खान ने शनिवार को ‘द हिंदू’ को बताया, “आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) के प्रबंध निदेशक, बी।आर। अम्बेडकर और जिला कलेक्टरों के साथ समन्वय बनाए रखने के लिए उप और सहायक कमांडेंट को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एहतियाती कदम उठाने के लिए भी कहा गया है।”