बॉर्डर पार कर दिल्ली पहुंचे किसान, लाल किला की तरफ किया कूच!


लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में जवान और किसान आमने-सामने आ गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में किसान ट्रैक्टर परेड की कोशिश में हैं जबकि दिल्ली में उनके प्रवेश पर रोक के लिए जगह-जगह बैरिकेड्स लगाए गए हैं।


Ritesh Mishra Ritesh Mishra
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नई दिल्ली। लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में जवान और किसान आमने-सामने आ गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में किसान ट्रैक्टर परेड की कोशिश में हैं जबकि दिल्ली में उनके प्रवेश पर रोक के लिए जगह-जगह बैरिकेड्स लगाए गए हैं। मंगलवार को सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर किसानों का कुछ समूह दिल्ली में दाखिल हो गया जबकि मुकरबा चौक पर लगाए गए बैरिकेड और सीमेंट के अवरोधकों को ट्रैक्टरों से तोड़ने की कोशिश कर रहे किसानों के समूह पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।

किसानों के दिल्ली में प्रवेश के बाद हालात खराब होने लगे हैं। कई जगहों से किसान और पुलिस के बीच झड़प की ख़बरें भी सामने आ रही हैं। आईटीओ के तिलक ब्रिज पर किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस आंसू गैस के गोले छोड़ रही है। दिल्ली के कई मेट्रो स्टेशन बंद किए गए हैं। किसानों ने आईटीओ पर तोड़फोड़ की। किसानों ने पुलिस की जीप और बस पर हमला किया है।

नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के कई अलग-अलग संगठन दिल्ली की सीमाओं पर करीब दो महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान संगठनों और सरकार के बीच कई दौर बातचीत भी हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं तलाशा जा सका है। किसान पहले ही गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड की बात कह रहे थे और मामला सर्वोच्च न्यायालय में भी गया था लेकिन शीर्ष कोर्ट ने इसे कानून-व्यवस्था का मामला बताकर सुनवाई से इंकार कर दिया था।

राष्ट्रीय राजधानी के सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के कुछ समूह मंगलवार सुबह दिल्ली पुलिस द्वारा ट्रैक्टर परेड के लिए निर्धारित किए गए समय से पहले अवरोधकों को तोड़कर दिल्ली में दाखिल हो गए थे। पुलिस कर्मियों ने सिंघू बॉर्डर पर किसानों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। वे तय समय से पहले आउटर रिंग रोड की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे।

राष्ट्रीय राजधानी के सीमा बिंदुओं पर ट्रैक्टरों का जमावड़ा दिखाई दिया जिन पर झंडे लगे हुए थे और इनमें सवार पुरुष व महिलाएं ढोल की थाप पर नाच रहे थे। सड़क के दोनों ओर खड़े स्थानीय लोग फूलों की बारिश भी कर रहे थे। वहीं, सुरक्षा कर्मी किसानों को समझाने की कोशिश कर रहे थे कि वे राजपथ पर गणतंत्र दिवस की परेड खत्म होने के बाद तय समय पर परेड निकालें।

किसान नेताओं के समझाने के बाद भी अक्षरधाम होते हुए किसान आगे बढ़ रहे हैं। गाजीपुर में उलटी दिशा में अक्षरधाम मंदिर की ओर किसान जा रहे हैं। किसानों ने सड़क पर लगाए गए बैरिकेट्स और लोहे के बड़े-बड़े कंटेनर्स को हटाकर अपना रास्ता बनाया है। किसानों के काफिले में ट्रैक्टर के अलावा कार, मिनी बस, तांगे और भारी संख्या में बाइक मौजूद हैं।

कई जगहों पर उग्र हुए अन्नदाता
मुकरबा चौक पर लगातार स्थिति बिगड़ रही है। किसान हिंसक रुख अख्तियार कर चुके हैं। पुलिस के लगाए गए डंपर के शीशे को किसानों ने तोड़ दिया। किसान यहां से जीटी करनाल रोड पर जहांगीरपुरी की तरफ बढ़ गए हैं। वहीं, अप्सरा बॉर्डर पर किसानों ने पुलिस द्वारा तय किया गया रुट तोड़ दिया है।

अप्सरा बॉर्डर पर किसानों ने पत्थर के लगे बेरिकेड्स रस्सी से बांधकर ट्रैक्टर से खींच दिए। वहीं, आजादपुर मेट्रो स्टेशन के पास निहंगों ने पुलिस के जवानों पर हमला कर दिया। किसानों ने दिल्ली पुलिस के तय रुट का उल्लंघन करते अब बाहरी रिंग रोड से होते हुए दिल्ली की तरफ कूच कर गए हैं। पुलिस भी उन्हें नहीं रोक रही है।

तनावपूर्ण हुए हालात, पुलिस पर भी हमला
सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर किसान पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर दिल्ली की सीमा में दाखिल हो गए। वहीं, मुकरबा चौक पर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पुलिस ने यहां आंसू गैस के गोले छोड़ें हैं। बुराड़ी और नांगलोई में भी पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े हैं। प्रदर्शनकारी किसानों ने आईटीओ इलाके में पुलिसकर्मियों पर हमला किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ी में भी तोड़-फोड़ की। प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने दिल्ली पुलिस के जवान के साथ मारपीट करने का प्रयास किया।

डीटीसी बस में तोड़फोड़
प्रदर्शनकारी किसानों ने राष्ट्रीय राजधानी के आईटीओ क्षेत्र में एक डीटीसी बस में तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारी किसानों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के सामने पुलिस बैरिकेड तोड़ दी। हालांकि पुलिस को किसी भी प्रकार की सख्त कार्रवाई करने की मनाही है।



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