एसआईआर को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए: दत्तात्रेय होसबोले

इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में अपात्र नामों को हटाने और सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया समय-समय पर होनी चाहिए।

बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में होसबोले ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को अपने एजेंडे के अनुसार काम करने का अधिकार है, लेकिन केवल विरोध के लिए विरोध करना उचित नहीं है। किसी भी मुद्दे पर राय बनाने से पहले तथ्यों की जांच जरूरी है।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों के नाम बने रहना और एक ही व्यक्ति का दो स्थानों पर पंजीकरण होना सूची को अनावश्यक रूप से बड़ा बनाता है। उन्होंने गैर-भारतीय नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल होने पर भी चिंता जताई।

होसबाले के अनुसार, मतदाता सूची में करीब 13 करोड़ नाम हैं, जिनमें कई ऐसे लोगों के नाम भी शामिल हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसे नामों को हटाना जरूरी है। एक व्यक्ति का नाम दो जगह दर्ज होने से भी मतदाता सूची में अनावश्यक विस्तार होता है।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का समय-समय पर शुद्धिकरण होना चाहिए और जिन लोगों के नाम सूची में नहीं होने चाहिए, उन्हें हटाया जाना चाहिए। इस प्रक्रिया को राजनीतिक विवाद का विषय बनाने का कोई औचित्य नहीं है।

होसबोले ने राजनीतिक दलों से अपने एजेंडे से जुड़े उचित मुद्दों पर ध्यान देने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि एसआईआर का विरोध उन्हें समझ से परे लगता है।

गौरतलब है कि एक नवंबर को विपक्षी गठबंधन इंडिया (INDIA) ने नई दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ी रैली आयोजित की थी।

First Published on: November 5, 2026 9:13 AM
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