भारत ने अमेरिका के उन दावों को खारिज किया, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि पीएम मोदी रूस से तेल नहीं खरीदने पर सहमत हुए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार ने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है कि 1.4 अरब भारतीयों की एनर्जी सिक्योरिटी सुनिश्चित करना हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बाजार की स्थितियों और बदलती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के हिसाब से हम एनर्जी की खरीद में विविधता लाते हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘हम अपनी जरूरत के हिसाब से दुनिया के किसी भी देश से तेल खरीद सकते हैं। फैसला राष्ट्रीय हित में लिया जाएगा। भारत के सभी फैसले इसी बात को ध्यान में रखकर लिए गए हैं और लिए जाएंगे।’ वहीं रूस ने भी कहा कि भारत के साथ ऊर्जा सहयोग जारी रहेगा। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, ‘भारत के रवैये में कोई बदलाव नहीं है। हमारा व्यापार दोनों देशों के लिए फायदेमंद है।’
वेनेजुएला से तेल खरीदने को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि वेनेजुएला लंबे समय से ऊर्जा, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में हमारा लंबे समय से पार्टनर रहा है। रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘हम 2019-20 तक वेनेजुएला से ऊर्जा और कच्चा तेल आयात कर रहे थे, जिसके बाद हमें इसे रोकना पड़ा। फिर हमने 2023-24 में वेनेजुएला से तेल खरीदना शुरू किया, लेकिन प्रतिबंध फिर से लगने के बाद हमें इसे रोकना पड़ा।’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर बात की और टैरिफ में कमी के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया। पीएम ने कहा कि अब मेड-इन-इंडिया प्रोडक्ट्स 18 फीसदी कम टैरिफ पर अमेरिका को एक्सपोर्ट किए जाएंगे। इस ट्रेड एग्रीमेंट से हमारे एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। इससे भारत में लेबर-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और हमारे लोगों के लिए ग्रोथ और खुशहाली आएगी।
ईरान में बंदी बनाए गए 16 भारतीयों को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘हमें ईरान में 16 नाविकों से मिलने की इजाजत मिल गई है। बंदर अब्बास में हमारे अधिकारियों ने उनसे मुलाकात की है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, उन 16 में से आठ लोगों को रिहा कर दिया गया है और वे घर लौट रहे हैं। बाकी आठ के बारे में हम ईरानी अधिकारियों के संपर्क में हैं। हम देखेंगे कि हम उनकी सबसे अच्छी मदद कैसे कर सकते हैं।’
