कुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा निकली नाबालिग, फरहान को हो सकती है सजा?

महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा समय-समय पर सुर्खियां बटोरती रहती है, एक बार फिर से अपनी शादी को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, उसको लेकर खुलासा हुआ है कि वह 16 साल की नाबालिग निकली है। यह दावा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच के बाद किया जा रहा है, जिसमें इस बात की पुष्टि की गई है कि वह अभी बालिग नहीं है। इसके बाद मोनालिसा के पति फरमान खान के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी होने वाली हैं। चलिए आपको बताते हैं कि उसके पति को कितनी सजा हो सकती है।

नेशनल अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य की अगुवाई में अधिवक्ता प्रथम दुबे की तरफ से की गई पैरवी में यह पता चला है कि मोनालिसा को बालिग साबित करके उसकी शादी कराई गई है, जो असल में पारधी जनजाति से आने वाली एक नाबालिग लड़की है। इस पूरे मामले को आयोग के सामने 17 मार्च 2026 को रखा गया था।

जांच दल में पाया गया कि उसका गलत जन्म प्रमाण पत्र नगरपालिका महेश्वर से जारी कराया गया है। जिसका मिलान महेश्वर के सरकारी मेडिकल हॉस्पिटल के रिकॉर्ड से की गई और उसमें मिला कि मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 को शाम 5:50 हुआ था। इस हिसाब से पता चला कि 11 मार्च को जब उसका केरल में विवाह हुआ, तो वह 16 साल 2 महीने और 12 दिन की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मोनालिसा के पति फरमान खान के खिलाफ पास्को एक्ट के तहत खरगोन जिले के महेश्वर थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इसके साथ ही एट्रोसिटी एक्ट (एसटी/एसटी एक्ट), जो कि पीड़िता के पारधी जनजाति होने के चलते अत्याचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत साजिश और विवाह के अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इस मामले को लेकर आयोग ने केरल और मध्य प्रदेश के डीजीपी को 22 अप्रैल को दिल्ली में पेश होने के लिए तलब किया है।

अगर सजा की बात करें, तो पॉस्को एक्ट बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिये सरकार की तरफ से बनाए गए कानूनों में से एक है। इस अधिनियम में अपराध की गंभीरता के अनुसार सजा का प्रावधान है। इसमें अपराध की गंभीरता के आधार पर न्यूनतम 3 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। अधिनियम में 2019 के संशोधन के बाद इसमें गंभीर यौन हमले के लिए न्यूनतम सजा को दस साल से बढ़ाकर 20 साल और अधिकतम सजा के तौर पर मृत्युदंड का प्रावधान कर दिया गया है।

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अप्रैल 2026 में अपने एक फैसले में कहा कि दुष्कर्म में नाबालिग पीड़ित की उम्र जितनी कम होगी, मामले में दोषी को उतनी सजा मिलेगी। जहां तक संभावना जताई जा रही है, तो इस एक्ट के तहत उसे कम से कम 10 साल की सजा हो सकती है। जो कोर्ट में फैसले के बाद पता चलेगा कि फरहान को कितनी सजा हो सकती है।

वहीं, अगर एसटी/ एसटी एक्ट की बात करें, तो इसमें तत्काल गिरफ्तारी व सख्त सजा 6 महीने से उम्र कैद तक का प्रावधान है। इसके अलावा बाकी धाराओं में अलग-अलग सजा का प्रावधान है।

भारत में कानूनी तौर पर 18 साल की उम्र को एक व्यक्ति यौन क्रियाओं के लिये सहमति देने में सक्षम माना जाता है। ऐसे में 18 साल से कम उम्र के लोगों को कानूनी रूप से एक बच्चा माना जाता है। अगर सरल शब्दों में कहा जाए तो उसकी सहमति के लिये कोई कानूनी वैधता नहीं है। मोनालिसा की उम्र 17 साल है तो उसको एक बच्चे के तौर पर देखा जाएगा। उसका बयान या सहमति कानूनी रूप से कोई मायने नहीं रखती। ध्यान देने वाली एक बात यह है कि इस एक्ट में सजा तय होती है, यानी कोर्ट भी इसे कम नहीं कर सकता है।

First Published on: April 12, 2026 1:07 PM
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