नीट पेपर लीक: प्रोफेसर मनिषा मांढरे को कोर्ट ने 14 दिन की CBI कस्टडी में भेजा

नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने पुणे की प्रोफेसर मनिषा मांढरे को गिरफ्तार किया है। मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट से मनिषा मांढरे की 14 दिनों की पुलिस कस्टडी मांगी थी। इसके बाद दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनिषा मांढरे को 14 दिनों के लिए सीबीआई की कस्टडी में भेजने का आदेश दिया। हालांकि, बचाव पक्ष के वकीलों ने सीबीआई की मांग का विरोध किया और लंबी कस्टडी पर आपत्ति जताई।

सीबीआई अब मनिषा मांढरे से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि नीट पेपर लीक मामले में उनकी क्या भूमिका थी और इस मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं। एजेंसी पहले से इस मामले में कई लोगों से पूछताछ कर रही है और अलग-अलग राज्यों में जांच जारी है।

सीबीआई ने इस मामले में पुणे की प्रोफेसर मनिषा गुरुनाथ मांढरे को गिरफ्तार किया था। अब तक इस मामले में अलग-अलग शहरों से कुल 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मनिषा मांढरे महाराष्ट्र की एक सीनियर प्रोफेसर हैं और वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़ी विशेषज्ञ के रूप में काम कर रही थीं।

बताया जा रहा है कि उन्हें बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न पत्रों तक सीधी पहुंच थी। मांढरे पुणे के शिवाजीनगर इलाके में स्थित मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स में कार्यरत थीं। करीब 7 महीने बाद वह रिटायरमेंट होने ही वाली थीं।

CBI का आरोप है कि मनिषा मांढरे NEET UG 2026 परीक्षा के लिए बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न तैयार करने वाली टीम में शामिल थीं। इसी वजह से उन्हें परीक्षा से पहले ही गोपनीय सवालों की जानकारी मिल गई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि अप्रैल 2026 के दौरान उन्होंने कथित तौर पर कुछ चुनिंदा छात्रों की पहचान की थी। यह काम उन्होंने मामले की दूसरी आरोपी मनिषा वाघमारे के जरिए किया, जिसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

जांच के दौरान यह भी पता चला है कि पुणे में मांढरे के घर पर खास कोचिंग सेशन आयोजित किए गए थे। इन सेशन्स में छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के महत्वपूर्ण सवाल नोटबुक में लिखने और किताबों में मार्क करने के लिए कहा गया था। अधिकारियों के मुताबिक, इन सवालों में से कई प्रश्न बाद में NEET UG 2026 के असली पेपर में दिखाई दिए।

First Published on: May 17, 2026 4:16 PM
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