विज्ञान में और निवेश के लिए नीति आयोग मजबूत पक्ष रख रहा है: वी के पॉल


पाल ने कहा, ‘‘हम अपने नेतृत्व के समक्ष मजबूती से पक्ष रख रहे हैं कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में निवेश बढ़ाया जाए और जैव विज्ञान में भी निवेश बढ़ाया जाए। विज्ञान में भी निवेश बढ़ाया जाए जिसे ज्यादा बजट नहीं मिल पा रहा है।’’


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नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी ने दिखाया है कि विज्ञान ‘जीवन, आजीविका और विकास’ के लिए कितना महत्वपूर्ण है और नीति आयोग विज्ञान में निवेश बढ़ाने के लिए मजबूत पक्ष रख रहा है। यह जानकारी सोमवार को आयोग के सदस्य वी. के. पॉल ने दी।

वह एक वेबिनार में पहले प्रोफेसर एम. के. भान स्मारक व्याख्यान में बोल रहे थे। भान बायोटेक्नोलॉजी विभाग में सचिव थे।

पॉल ने कहा कि थिंक टैंक चाहता है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी (एस एंड टी) सरकार की प्राथमिकता में ‘‘पहले से ज्यादा’’ रहे।

उन्होंने कहा कि नीति आयोग ने कई नीतियां तैयार की हैं जिनका उद्देश्य सांस्थानिक गति, क्षमता और संसाधन आधार तैयार करना है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘हम विजय राघवन (सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार) और मेरे सहकर्मी (विजय कुमार) सारस्वत जो सदस्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी हैं… हम तीनों सांस्थानिक गति, क्षमता और संसाधन आधार तैयार करने पर गौर कर रहे हैं।’’

पॉल एक सवाल का जवाब दे रहे थे कि नीति आयोग अनुसंधान को बढ़ावा देने और युवा शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए क्या कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने नेतृत्व के समक्ष मजबूती से पक्ष रख रहे हैं कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में निवेश बढ़ाया जाए और जैव विज्ञान में भी निवेश बढ़ाया जाए। विज्ञान में भी निवेश बढ़ाया जाए जिसे ज्यादा बजट नहीं मिल पा रहा है।’’

पॉल ने कहा, ‘‘यह हमारे एजेंडा में है और जैसा कि मैंने कहा कि हमने नीति व्यवस्था में पूरी ताकत लगा रखी है और आने वाले समय में इसे आगे ले जाना चाहते हैं।’’

एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि युवा लोगों के लिए भी निवेश की जरूरत है और उन्हें अंतर विषयक क्षेत्रों में काम करने का अवसर प्रदान कर ऐसा किया जा सकता है।



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