राहुल का भाजपा और तृणमूल पर निशाना, ‘सोनार बांग्ला’ के नारे को बताया धोखा

राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार अभियान के दौरान भाजपा और तृणमूल कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

ग्वालपोखोर/सिलीगुड़ी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए बुधवार को भाजपा और तृणमूल कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

उन्होंने ‘सोनार बांग्ला’ (स्वर्णिम बंगाल) बनाने के भाजपा के दावे को ‘धोखा’ करार दिया और कहा कि भगवा पार्टी के पास नफरत, हिंसा और भाषा, धर्म, जाति व पंथ के आधार पर लोगों को बांटने के अलावा देने के लिये कुछ नहीं हैं।

कांग्रेस नेता ने पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल को भी निशाने पर लिया और कहा कि ममता बनर्जी की तरह कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस से गठबंधन नहीं किया। उल्लेखनीय है कि तृणमूल कांग्रेस पूर्व प्रधानमंत्री अटिल बिहारी वाजपेयी की सरकार के समय भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा रह चुकी है।

राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में अपने चुनाव अभियान के पहले दिन उत्तरी दिनाजपुर जिले के ग्वालपोखोर और सिलीगुड़ी में दो सभाओं को संबोधित किया तथा प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी को नियंत्रित करने में ‘विफलता’ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया।

गांधी ने कहा, ‘भाजपा बंगाल की संस्कृति और विरासत को मिटाना और इसे बांटना चाहती है। असम में ये लोग यही कर रहे हैं। तमिलनाडु में वे अपने गठबंधन साझेदार अन्नाद्रमुक के साथ मिलकर ऐसा करने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा के पास नफरत, हिंसा और विभाजनकारी राजनीति के अलावा देने के लिये कुछ नहीं है।’

‘सोनार बांग्ला’ बनाने के भाजपा के नारे को गांधी ने धोखा करार दिया और कहा कि वे ‘हर राज्य में यही सपना बेचते हैं।’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘वे प्रत्येक राज्य में सोनार बांग्ला जैसी बात कहते हैं। लेकिन लोगों को धर्म, जाति और भाषा के आधार पर बांटते रहते हैं। ‘

गांधी ने बंगाल में ‘कट मनी’ को लेकर निशाना साधते हुए कहा, ‘आपने टीएमसी को मौका दिया, लेकिन वह नाकाम रही। लोगों को रोजगार के लिये दूसरे राज्यों में जाना पड़ा। यह एकमात्र राज्य है, जहां आपको नौकरी पाने के लिये कट मनी देनी पड़ती है।’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने तृणमूल के ‘खेला होबे’ (खेल होगा) नारे को लेकर तंज कसते हुए कहा कि लोगों की सेवा करना और खेल खेलना दोनों अलग-अलग बाते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमने कभी भाजपा और आरएसएस से समझौता नहीं किया। हमारी लड़ाई राजनीतिक ही नहीं बल्कि विचारधारा की भी है। ममता जी के लिये यह केवल राजनीतिक लड़ाई है।’

गांधी ने कहा, ‘भाजपा अच्छी तरह जानती है कि कांग्रेस उसके सामने हथियार नहीं डालेगी। लिहाजा उसने कांग्रेस मुक्त भारत का नारा लगाया। उन्होंने कभी टीएमसी मुक्त भारत का नारा नहीं दिया, क्योंकि वह उसकी पुरानी गठबंधन साझेदार है।’

गांधी ने लोगों से बंगाल में विकास के नए युग की शुरुआत के लिये कांग्रेस-आईएसएफ-वाम गठबंधन को वोट देने की अपील की।

First Published on: April 15, 2021 12:02 AM
Exit mobile version