नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बढ़ते ओमिक्रॉन के मामलों के बीच रविवार को राज्यों के साथ बैठक की और कहा कि राज्य सरकारों ने दूसरे आपातकालीन कोविड -19 पैकेज में से केवल 17 फीसदी पैसा का इस्तेमाल स्वास्थ्य व्यवस्था के बुनियादी ढांचे को पर खर्च किया है।
बता दें कि बीते साल अगस्त में केंद्रीय कैबिनेट ने राज्यों के लिए दूसरे आपातकालीन कोविड-19 प्रतिक्रिया पैकेज को मंज़ूरी दी थी ताकि राज्य सरकारें कोरोना महामारी के ख़िलाफ़ अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर कर सके। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 23,123 करोड़ रुपये के कोविड -19 आपातकालीन प्रतिक्रिया पैकेज-2 को मंजूरी दी थी।
स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया देश में लागातार बढ़ते कोरोना के संक्रमण को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों और स्वास्थ्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अन्य देशों में “उनकी पहले की कोरोना लहर के मुकाबले इस बार 3-4 गुना अधिक केस” सामने आ रहे हैं। भारत में भी, “मामलों में वृद्धि चिकित्सा प्रणाली को प्रभावित कर सकती है।
इसलिए राज्यों को बढ़ते केस के लिए खुद को तैयार करना पड़ेगा और बुनियादी ढांचे में सुधार करने में कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए ताकि हम कोविड -19 की इस लहर से बच सकें।” भारत में पिछले 24 घंटों में 33,750 नए मामले और सक्रिय केस 1.45 लाख हो गया है।
