चीन के 77वें स्थापना दिवस पर चीनी दूतावास के बाहर TYC का प्रदर्शन, तिब्बत को लेकर जताया विरोध

नई दिल्ली: चीन के 77वें स्थापना दिवस के मौके पर तिब्बती यूथ कांग्रेस (TYC) ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया। संगठन ने चीन की ओर से तिब्बत पर जारी राजनीतिक नियंत्रण और शासन का विरोध जताया।

प्रदर्शन के दौरान TYC ने तिब्बत के साथ-साथ ईस्ट तुर्किस्तान, दक्षिणी मंगोलिया और मंचूरिया पर चीन के संप्रभुता संबंधी दावों को भी खारिज किया। संगठन ने चीन की नीतियों को औपनिवेशिक और विस्तारवादी बताते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

TYC ने तिब्बती पहचान और अधिकारों का मुद्दा उठाया

TYC ने एक बयान में कहा कि नीतियों और कानूनों के जरिए तिब्बत की अलग राष्ट्रीय पहचान, ऐतिहासिक दावों और अपने राजनीतिक भविष्य को तय करने की इच्छा को खत्म नहीं किया जा सकता।

संगठन ने चीनी नेतृत्व से तिब्बतियों और अन्य गैर-हान समुदायों की आकांक्षाओं, सांस्कृतिक पहचान और जीवनशैली का सम्मान करने की अपील की।

तिब्बती संसद की स्पीकर ने भी उठाए सवाल

तिब्बती निर्वासित संसद की स्पीकर डोल्मा त्सेरिंग तेखांग ने कहा कि चीन की ओर से एकता, सद्भाव और विकास पर जोर देने के साथ विविधता, स्वतंत्रता और सांस्कृतिक अधिकारों का सम्मान भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि तिब्बती लोग चीन के साथ टकराव नहीं चाहते, बल्कि अपनी पहचान, धर्म, संस्कृति और जीवनशैली को संरक्षित रखने के लिए पर्याप्त जगह चाहते हैं।

तेखांग ने तिब्बती बौद्ध धर्म के सम्मान और तिब्बती बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत के बारे में शिक्षा दिए जाने की भी मांग की।

नए जातीय कानून को लेकर भी जताई आपत्ति

तेखांग ने हाल ही में अपनाए गए Ethnic Unity and Progress Law का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इससे गैर-हान समुदायों की पहचान प्रभावित हो सकती है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तिब्बतियों, उइगरों और मंगोलों के मुद्दों को संयुक्त राष्ट्र सहित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की अपील की।

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के प्रवक्ता तेनजिन लेक्शे ने भी चीन के राष्ट्रीय दिवस पर आयोजित समारोहों का उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न समुदायों की आकांक्षाओं को समझना और उनका सम्मान करना जरूरी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि तिब्बतियों समेत कई राष्ट्रीयताएं चीनी सरकार की नीतियों से प्रभावित हैं और नए जातीय कानून को लेकर भी उनकी चिंताएं बनी हुई हैं।

1 अक्टूबर 1949 को हुई थी चीन के जनवादी गणराज्य की स्थापना

चीन हर साल 1 अक्टूबर को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (PRC) की स्थापना की वर्षगांठ मनाता है। 1 अक्टूबर 1949 को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना की घोषणा की गई थी। इस वर्ष इसकी 77वीं वर्षगांठ मनाई गई।

First Published on: October 2, 2026 8:47 AM
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