बिहार विधानसभा में शराबबंदी कानून में समीक्षा की मांग की गई है। एनडीए के सहयोगी RLM के विधायक माधव आनंद ने शराबबंदी की समीक्षा की मांग की। विधायक ने कहा समय आ गया है कि शराबबंदी की समीक्षा की जाए। आरएलएम विधायक माधव आनंद ने शराबबंदी कानून को लेकर सीएम नीतीश कुमार का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं। क्योंकि इस तरह का फैसला लेने के लिए जज्बा और बहुत बड़ा दिल होना चाहिए।
विधानसभा में बोलते हुए माधव आनंद ने कहा, “शराबबंदी जब की जाती है तो निश्चित रूप से बहुत कुछ सोचना पड़ता है और उन्होंने (सीएम) शराबबंदी का फैसला किया। सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक स्वर में इसका समर्थन किया।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं अपनी सरकार से यह कहना चाहता हूं कि मुख्यमंत्री हमेशा समीक्षा करते हैं। अपनी सरकार है और मुख्यमंत्री से यह कहना चाहता हूं कि सर अब समय आ गया है कि शराबबंदी की भी समीक्षा की जानी चाहिए।”
माधव आनंद ने आगे कहा, “इसको अच्छे ढंग से लागू किया जाए। साथ ही जागरूकता पर काम किया जाए और कानून में जहां भी संशोधन की आवश्यकता हो संशोधन करते रहिए। सर आप हमेशा से ही समीक्षा करते आए हैं इसलिए इसकी भी समीक्षा होनी चाहिए।”
बिहार राज्य में अप्रैल 2016 में शराबबंदी कानून लागू किया था। इस अधिनियम की धारा 13 में कहा गया है कि किसी को भी किसी भी प्रकार की शराब या कोई भी मादक पदार्थ निर्माण, बोतलबंदी, वितरण, परिवहन, संग्रहण, भंडारण, कब्ज़ा, खरीद, बिक्री या सेवन” करने की अनुमति नहीं है।
बिहार में शराबबंदी कानून सियासत का मुद्दा रहा है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी इसको लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने बयान दिए थे। एनडीए के सहयोगी जीतन राम मांझी भी इसकी समीक्षा की बात कह चुके हैं। तेजस्वी यादव ने सरकार आने पर इस कानून में बदलाव का वादा किया था।
