ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने छात्रों के खिलाफ जांच नोटिस पर की जेएनयू प्रशासन की निंदा

आइसा ने जेएनयू के पुस्तकालय में कथित रूप से जबरन घुसने और रीडिंग हॉल पर कब्जा करने के मामले में 12 छात्रों के खिलाफ प्रॉक्टर स्तर की जांच के विश्वविद्यालय के नोटिस की निंदा की है

नई दिल्ली। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पुस्तकालय में कथित रूप से जबरन घुसने और रीडिंग हॉल पर कब्जा करने के मामले में 12 छात्रों के खिलाफ प्रॉक्टर स्तर की जांच के विश्वविद्यालय के नोटिस की निंदा की है और इसे तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है।

कोरोना वायरस महामारी की वजह से बंद विश्वविद्यालय के डॉ बीआर आंबेडकर केंद्रीय पुस्तकालय को प्रदर्शनकारी छात्रों ने 10 मार्च को खोल दिया था। विश्वविद्यालय ने 12 मार्च को पुस्तकालय के अंदर भूतल पर स्थित रीडिंग कक्षों को पुन: खोलने की मंजूरी दे दी थी।

मुख्य प्रॉक्टर के कार्यालय की ओर से 31 मार्च को जारी नोटिस में आरोप लगाया गया है कि छात्र अनुशासनहीनता के कृत्यों में संलिप्त थे जिनमें प्रदर्शन करना, जबरन पुस्तकालय में घुसना, रीडिंग हॉल पर कब्जा जमाना तथा कोविड-19 के नियमों की अवहेलना करना शामिल हैं।

उन्हें 13 अप्रैल को प्रॉक्टर की समिति के समक्ष पेश होने और उनका पक्ष रखने का निर्देश दिया जाता है। वाम समर्थित संगठन आइसा ने अपने बयान में कहा कि जेएनयू के छात्र लंबे समय से पुस्तकालय सुविधाएं बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

First Published on: April 8, 2021 9:11 PM
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