
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-1 में शुक्रवार की सुबह एक परिवार के तीन सदस्यों को एक जलते हुए मकान से बचाया गया। पुलिस ने स्पाइडरमैन की तरह घर में जाकर तीनों को बचाया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुबह छह बजकर 55 मिनट पर घर की दूसरी और तीसरी मंजिल पर आग लगने की सूचना मिली।
पुलिस उपायुक्त (साउथ) अतुल कुमार ठाकुर ने कहा, अमित सुधाकर, उसकी पत्नी शालिनी और मां सुधा तीसरी मंजिल की बालकनी में फंसी हुई थीं, जो लोहे की ग्रिल से बंद थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आग इमारत की दूसरी मंजिल से शुरू हुई और तीसरी मंजिल तक फैल गई।
पुलिस ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है और दमकल विभाग के कर्मियों की मदद से लोगों को बचा लिया गया। आग की लपटों के बीच, दो पुलिसकर्मी हेड कॉन्स्टेबल मुंशीलाल और कॉन्स्टेबल संदीप ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोहे की ग्रिल के सहारे तीसरी मंजिल पर चढ़ाई की ताकि वहां फंसे परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। ग्रिल पर चढ़कर दोनों पुलिसकर्मियों ने परिवार के साथ बातचीत कर उन्हें शांत किया और उन्हें रेस्क्यू कर बाहर निकालने में मदद की।
अधिकारियों ने बताया कि जब फायर डिपार्टमेंट के अधिकारी मौके पर पहुंचे तो उनकी मदद से तीनों को बाहर निकाला गया। चार दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया, तीन लोग तीसरी मंजिल की बालकनी में पूरी तरह से लोहे की ग्रिल से ढंके हुए थे। इमारत में आग लगने की वजह से उनका बचना मुश्किल था। दमकल की गाड़ियों के पहुंचने पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।