गुजरात AAP विधायक चैतर वसावा और मृतक श्रमिक के रिश्तेदार ने एक-दूसरे को मारे थप्पड़! 

गुजरात के भरूच जिले में 23 अप्रैल को मेट्रोपॉलिटन एक्सीकेम प्लांट में आग लगने से 2 मजदूरों की मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार और कंपनी के अधिकारियों के बीच जब मुआवजा को लेकर बातचीत चल रही थी तब आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक चैतर वसावा भी वहां पहुंच गए। इसका पीड़ित परिवार ने विरोध किया तो दोनों के बीच तनाव बढ़ गया। बात इतनी बढ़ गई कि चैतर वसावा और पीड़ित परिवार के एक शख्स ने एक-दूसरे को थप्पड़ मार दिया।

इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग वसावा की आलोचना कर रहे हैं। AAP विधायक चैतर वसावा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उसी परिवार के एक शख्स के साथ उनकी हाथापाई हो गई। आसपास के लोग बीच बचाव करने का पूरा प्रयास करते दिखे और जैसे-तैसे मामले को ठंडा किया।

झागड़िया जीआईडीसी में 23 अप्रैल को एक रसायन कारखाने में लगी आग में 16 मजदूर झुलस गए थे और बाद में राकेश वसावा सहित दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। राकेश की मौत के एक दिन बाद उनके रिश्तेदार रोशन वसावा मृतक कर्मचारी के परिजनों के लिए मुआवजे पर चर्चा करने के लिए कारखाने परिसर पहुंचे थे।

इसी बीच आम आदमी पार्टी के नेता और देदियापाड़ा (एसटी) विधायक चैतर वासावा भी अपने समर्थकों और घायल श्रमिकों के परिजनों के साथ कारखाने परिसर पहुंचे और सभी पीड़ितों के लिए अधिक मुआवजे की मांग की। एक वायरल वीडियो में विधायक फैक्टरी के गेट के पास पीड़ित परिवार के शख्स रोशन से किसी मुद्दे पर बहस करते हुए और अचानक एक पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में उसे थप्पड़ मारते हुए दिखायी दे रहे हैं।

रोशन ने भी पलटवार करते हुए विधायक को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद अन्य लोगों ने उन्हें अलग किया। घटना के बाद पत्रकारों से बात करते हुए रोशन ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “चैतर वसावा यहां आए और लोगों को भड़काने लगे। मैं जानता हूं कि वह यहां (कंपनी से) पैसे वसूलने आए थे, न कि हमारे (आदिवासी) समुदाय की मदद करने। मैं किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं हूं। मैं यहां अपने परिवार के लिए आया हूं।” रोशन ने कहा कि न तो किसी पुलिसकर्मी ने उसे परेशान किया और न ही उसे किसी विशेष तरीके से प्रतिक्रिया करने के लिए सिखाया गया।

उन्होंने कहा, ‘अगर यहां कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है तो इसके लिए चैतर वसावा पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे।’ आरोपों का जवाब देते हुए, आम आदमी पार्टी के विधायक ने दावा किया कि पीड़ितों के परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए उनसे संपर्क किया जिसके बाद उन्होंने कारखाने का दौरा किया था। पुलिस अधिकारियों ने अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है और कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।

First Published on: April 28, 2026 10:52 AM
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