जम्मू के श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग यानी NMC ने तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। NMC ने कॉलेज में न्यूनतम मानकों के गंभीर उल्लंघन पाए जाने के बाद MBBS कोर्स संचालित करने की अनुमति वापस ले ली। यह कार्रवाई 2023 के मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशंस के सीधे उल्लंघन के आधार पर की गई है।
यह फैसला जम्मू में स्थित इस सरकारी मेडिकल कॉलेज पर लागू हुआ है और इसका असर मौजूदा व आने वाले शैक्षणिक सत्रों पर पड़ सकता है।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की जांच में सामने आया कि श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज न्यूनतम शैक्षणिक, बुनियादी ढांचे और फैकल्टी मानकों को पूरा करने में असफल रहा। NMC ने अपनी रिपोर्ट में साफ किया कि कॉलेज द्वारा की गई कमियां केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि शैक्षणिक गुणवत्ता से सीधे जुड़ी हुई हैं।
आयोग ने इसे 2023 के नियमों का सीधा उल्लंघन करार देते हुए किसी भी तरह की छूट देने से इनकार कर दिया। इसी आधार पर कॉलेज की मान्यता वापस लेने का निर्णय लिया गया, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू किया गया।
NMC ने यह भी स्पष्ट किया है कि कॉलेज में पढ़ रहे मौजूदा MBBS छात्रों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी वर्तमान छात्रों को जम्मू और कश्मीर के मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाएगा। यह स्थानांतरण सुपरन्यूमेरेरी सीट्स के तहत किया जाएगा, ताकि किसी भी छात्र की सीट या शैक्षणिक साल प्रभावित न हो। आयोग ने भरोसा दिलाया है कि सभी छात्रों का अकादमिक रिकॉर्ड और प्रगति पूरी तरह सुरक्षित रहेगी और उन्हें किसी प्रकार का नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।
NMC ने 2025–26 शैक्षणिक सत्र के लिए कॉलेज को दी गई 50 MBBS सीटों की स्वीकृति भी रद्द कर दी है। इसके साथ ही कॉलेज द्वारा जमा कराई गई बैंक गारंटी को जब्त करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को मेडिकल शिक्षा में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त लेकिन जरूरी कदम माना जा रहा है। NMC ने दो टूक कहा है कि भविष्य में भी मानकों से समझौता करने वाले संस्थानों पर इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
