जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित शासकीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कोरोना के संदिग्ध का खून से लथपथ शव पाए जाने से हड़कंप मच गया। मौत के बाद उसकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर हत्या का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच करवाने की मांग की है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज ने चाकू से गला रेतकर आत्महत्या की है।
गढ़ पुलिस थाना प्रभारी राजेश तिवारी ने सोमवार को बताया कि पाटन निवासी गणेश सिंह को उपचार के लिए 14 मई को नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के वार्ड नंबर 3 में में भर्ती किया गया था। मरीज को सांस लेने में तकलीफ थी तथा खांसी आ रही थी।
मरीज शादीशुदा था तथा उसकी तीन साल की एक बच्ची है। मरीज की 15 मई को कोरोना जांच की गई थी। तिवारी ने बताया कि इस व्यक्ति ने रविवार की शाम लगभग 6:30 बजे वार्ड के अंदर ही फल काटने वाले चाकू से अपना गला रेत लिया। सूचना मिलने पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा तत्काल उसका उपचार शुरू किया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
तिवारी ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा रविवार रात लगभग 8:15 घटना की सूचना पुलिस को दी गई। परिजन करीब रात 11:00 बजे अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने बताया कि रविवार को दिन में फोन कर मरीज ने उन्हें बताया था कि अस्पताल में उसका कोई उपचार नहीं हो रहा है। उपचार के नाम पर अस्पताल प्रबंधन प्रताड़ित कर रहा है। उसे अस्पताल से डिस्चार्ज करवा लिया जाए।
तिवारी ने बताया कि परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर उसकी हत्या का आरोप लगाया और घटना की न्यायिक जांच करवाने का आवेदन दिया है। आवेदन को अग्रिम कार्रवाई के लिए जिला कलेक्टर के पास भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह डॉक्टरों द्वारा बताया गया कि युवक की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डीन डॉ पी के कसार ने बताया युवक ने फल काटने वाली चाकू से गला रेत कर आत्महत्या की है। इस घटना के बाद सुरक्षाकर्मियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि मरीज को अपने साथ धारदार वस्तु रखने की अनुमति नहीं दी जाए।









