महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार (12 जनवरी) को शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 15 जनवरी को होने वाला बीएमसी चुनाव मराठी लोगों की नहीं, बल्कि ठाकरे भाइयों के अस्तित्व की लड़ाई है। सीएम फडणवीस ने साफ कहा कि इस चुनाव में मुंबई या मराठी अस्मिता खतरे में नहीं है, बल्कि उन नेताओं का भविष्य दांव पर लगा है जो अब एकजुट हुए हैं।
महानगरपालिका चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में शिवाजी पार्क में आयोजित महायुति की रैली को संबोधित करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई महाराष्ट्र का अभिन्न हिस्सा है और कोई भी ताकत इसे अलग नहीं कर सकती। उन्होंने मंच से उद्धव और राज ठाकरे के पुराने वीडियो भी दिखाए, जिनमें दोनों एक-दूसरे के खिलाफ बयान देते नजर आ रहे थे। इस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि आज दोनों भाई स्वार्थ के लिए साथ आए हैं।
राज ठाकरे के “मराठी मानुष का आखिरी चुनाव” वाले बयान पर पलटवार करते हुए फडणवीस ने कहा कि यहां मराठी नहीं, बल्कि ठाकरे भाइयों का अस्तित्व दांव पर है। उन्होंने कहा कि 74 हजार करोड़ रुपये के बजट वाली देश की सबसे अमीर महानगरपालिका पर कब्जे के लिए यह लड़ाई लड़ी जा रही है।
फडणवीस ने दावा किया कि मुंबई में महायुति का ही महापौर बनेगा और पारदर्शी शासन दिया जाएगा। उन्होंने महाविकास आघाड़ी पर आरोप लगाया कि उसी सरकार ने हिंदी को अनिवार्य करने का फैसला लिया था और धारावी पुनर्विकास परियोजना को रोका था। अब यह परियोजना राज्य सरकार और अदाणी समूह मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में केवल मराठी ही अनिवार्य भाषा है। साथ ही नवी मुंबई एयरपोर्ट के बाद तीसरे एयरपोर्ट और मुंबई एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने की घोषणा भी की। फडणवीस ने भरोसा जताया कि बीएमसी चुनाव में महायुति की बड़ी जीत होगी।
