मुंबई में एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी का भंडाफोड़, 40 लाख रुपये से अधिक का माल जब्त

पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण देशभर में एलपीजी सिलेंडर का संकट गहरा गया। इस संकट के बीच सिलेंडर जमाखोरी देश के कई इलाकों में देखने को मिल रही है। इसी क्रम में मुंबई में एलपीजी गैस सिलेंडर की कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। राशनिंग विभाग ने डोंगरी इलाके में छापेमारी कर अवैध रूप से एलपीजी सिलेंडरों के भंडारण और परिवहन के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में 40 लाख रुपये से अधिक कीमत का माल जब्त किया गया है, साथ ही 8 वाहनों को भी पकड़ा गया है।

यह कार्रवाई राशनिंग नियंत्रक और नागरिक आपूर्ति निदेशक चंद्रकांत डांगे को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। इस मामले की गंभीरता को समझते हुए चंद्रकांत डांगे ने तुरंत विशेष निर्देश जारी किए। इसके बाद विभाग की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाया। डोंगरी के वाड़ी बंदर ब्रिज के पास की गई छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने 8 संदिग्ध वाहनों को रोका गया और जांच की गई।

जांच में इन वाहनों से कुल 451 एलपीजी सिलेंडर बरामद किए गए। जब्त किए गए सिलेंडरों और वाहनों की कुल कीमत करीब 40.61 लाख रुपये बताई जा रही है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इन सिलेंडरों को बिना वैध दस्तावेजों के वाहनों में ले जाया जा रहा था। इनका इस्तेमाल कालाबाजारी या अवैध आपूर्ति के लिए किया जाना था। मामले में मुंबई पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।

गौर हो कि पश्चिम एशिया संघर्ष को देखते हुए एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर की ऑयल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया था। भारत अपनी एलपीजी खपत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से लगभग 90 प्रतिशत होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होता है। हालांकि, अब घरेलू उत्पादन को बढ़ाने पर सरकार जोर दे रही है, जिससे घरेलू एलपीजी उत्पादन में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे सिलेंडर बुक करने में जल्दबाजी न करें।

First Published on: April 11, 2026 10:54 AM
Exit mobile version