मनोज जरांगे की शिंदे-फडणवीस को चेतावनी, बोले- मराठों के वोट से मिली सत्ता, ऑडियो विवाद की हो निष्पक्ष जांच

पुणे। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से 500 करोड़ रुपये के कथित ऑडियो क्लिप विवाद की गहन जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मराठा समुदाय के हितों की कीमत पर अपने लोगों को बचाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए, क्योंकि मराठों ने अपने वोट देकर उन्हें सत्ता तक पहुंचाया है।

जांच नहीं हुई तो फडणवीस पर उठेंगे सवाल: जरांगे

जरांगे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यदि एकनाथ शिंदे का इस मामले से कोई संबंध नहीं है, तो उन्हें जिम्मेदार लोगों को बचाने के बजाय जांच में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोनों नेता आरोपों को लगातार खारिज करते रहे और मामले की पूरी जांच नहीं कराई गई, तो लोगों को संदेह हो सकता है कि इसके पीछे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का हाथ है।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक गठबंधन और सत्ता बदलते रहते हैं, लेकिन नेताओं की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता महत्वपूर्ण है। जरांगे ने दावा किया कि यदि इस मामले में भाजपा की भूमिका सामने आती है, तो उसकी भी जांच होनी चाहिए।

ऑडियो क्लिप के दावों पर उठाए सवाल

जरांगे ने अपने खिलाफ कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग में किए गए दावों को खारिज करते हुए कहा कि उसमें इस्तेमाल की गई भाषा उनकी समझ और बोलने के तरीके से मेल नहीं खाती। उन्होंने सवाल उठाया कि अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, अमेरिका और चीन के वित्तीय संकट तथा बंदरगाहों के विकास जैसे जटिल विषयों की भाषा उनके नाम से कैसे जोड़ी जा सकती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मुंह में ऐसी राजनीतिक और आर्थिक शब्दावली डालने की कोशिश की जा रही है, जिसका वह इस्तेमाल नहीं करते। जरांगे ने कहा कि मराठा समुदाय के हितों को नुकसान पहुंचाकर किसी को बचाने का प्रयास नहीं होना चाहिए। उन्होंने 29 अक्टूबर को होने वाले टकराव को लेकर भी चेतावनी दी।

क्या है 500 करोड़ रुपये का ऑडियो विवाद?

यह विवाद एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने के लिए मनोज जरांगे पाटिल को 500 करोड़ रुपये देने की पेशकश की गई थी। आरोपों में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और भाजपा नेता श्रीकांत शिंदे का नाम भी सामने आया है।

मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। हालांकि, ऑडियो क्लिप से जुड़े आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

First Published on: October 29, 2026 10:23 AM
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