‘मोदी-शाह ने आडवाणी को 12 साल तक राजनीतिक वनवास में रखा’: संजय राउत

मुंबई। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को राजनीतिक रूप से दरकिनार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता के शिखर तक पहुंचाने में आडवाणी की बड़ी भूमिका रही, लेकिन सत्ता में आने के बाद पार्टी के मौजूदा नेतृत्व ने उन्हें हाशिये पर धकेल दिया।

रविवार को मुंबई में समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में राउत ने कहा कि भाजपा अपने उन नेताओं को भूल गई है, जिन्होंने पार्टी की स्थापना से लेकर उसे राजनीतिक ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी और शाह ने सत्ता संभालने के बाद आडवाणी को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया।

राम मंदिर आंदोलन में आडवाणी की भूमिका का उल्लेख करते हुए राउत ने कहा कि उनकी अयोध्या रथयात्रा और कारसेवा आंदोलन ने इस अभियान को नई पहचान दी। उन्होंने कहा कि अगर लालकृष्ण आडवाणी नहीं होते तो राम मंदिर आंदोलन और अयोध्या रथयात्रा का स्वरूप भी अलग होता।

राउत ने आरोप लगाया कि भाजपा आज जिस राजनीतिक मुकाम पर है, उसमें आडवाणी का बड़ा योगदान है, लेकिन सत्ता मिलने के बाद उन्हें ही पार्टी नेतृत्व ने अलग-थलग कर दिया।

उन्होंने कहा, “मोदी, शाह और फडणवीस के दौर में भाजपा ने पार्टी को खड़ा करने वाले आडवाणी को प्रभावी रूप से 12 साल के राजनीतिक वनवास में भेज दिया।”

शिवसेना (UBT) सांसद ने आडवाणी के साथ अपने पुराने संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आडवाणी का शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के साथ करीबी रिश्ता था। दोनों के बीच राजनीतिक मुद्दों पर बातचीत और विचार-विमर्श होता था। राउत के मुताबिक, उद्धव ठाकरे भी आडवाणी से मिलने दिल्ली जाते थे और उनके साथ व्यक्तिगत संबंध बनाए रखते थे।

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए राउत ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन को पहचान दिलाने वाले आडवाणी को उस ऐतिहासिक आयोजन से दूर रखा गया। उन्होंने आडवाणी को ‘लौह पुरुष’ बताते हुए कहा कि वह किसी के इशारे पर चलने वाले नेता नहीं थे।

राम मंदिर और मुलायम सिंह यादव पर भी उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से राम मंदिर में दर्शन से पहले माफी मांगने की बात कही थी, राउत ने कहा कि सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने मुलायम सिंह यादव का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय भाजपा ने उन पर कारसेवकों पर गोली चलवाने का आरोप लगाया था, लेकिन बाद में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। राउत ने सवाल किया कि ऐसी स्थिति में अखिलेश यादव से माफी मांगने की अपेक्षा क्यों की जा रही है।

उन्होंने कहा कि भगवान राम सभी के हैं और उन्हें किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी को भगवान राम का मार्गदर्शक बताने वाले पोस्टरों की भी उन्होंने आलोचना की।

किसानों और महाराष्ट्र की राजनीति पर भी साधा निशाना

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से मंत्रियों द्वारा किसानों के घर जाकर दीपावली मनाने की घोषणा पर राउत ने कहा कि केवल एक दिन किसानों के घर जाने से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। मंत्रियों को लगातार किसानों के बीच जाकर उनकी परेशानियों को समझना चाहिए।

उन्होंने इस पहल को दिखावटी बताते हुए सवाल किया कि किसानों के घर पर परोसे गए दीपावली के पकवान किसानों ने खुद तैयार किए थे या कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से भेजे गए थे।

राउत ने प्रधानमंत्री के जवानों के साथ दीपावली मनाने के कार्यक्रम का भी उल्लेख किया और कहा कि ऐसे प्रतीकात्मक आयोजनों से चीन की घुसपैठ या पुलवामा जैसी घटनाएं नहीं रुकीं।

गोकुल दूध संघ विवाद और एनसीपी पर बयान

गोकुल सहकारी दूध संघ के विवाद पर राउत ने देवेंद्र फडणवीस पर व्यक्तिगत रुचि लेकर कथित तौर पर अवैध नियुक्तियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि अध्यक्ष पद के चुनाव में बहुमत हासिल करने के लिए हसन मुश्रीफ और महाडिक को फिर से लाने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सतेज पाटिल के पैनल ने चुनाव में जीत हासिल की थी, लेकिन चुनाव अधिकारी ने उनके पैनल की दो सीटें हसन मुश्रीफ के पैनल को दे दीं। राउत के अनुसार, ऐसा नहीं होता तो सतेज पाटिल के पैनल को 15 सीटें मिलतीं।

वहीं, दिवंगत अजित पवार की पार्टी के संभावित विलय से जुड़े सवाल पर उन्होंने इसे आंतरिक मामला बताया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि शरद पवार की मूल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल नहीं होगी।

First Published on: November 8, 2026 12:34 PM
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