अजित पवार और प्रफुल्ल पटेल के बीच फोन पर क्या हुई थी आखिरी बात?

महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद राज्य में मौत को लेकर लगातार सियासी उठा-पटक जारी है। उनके निधन के बाद एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल की फोन पर बातचीत को लेकर चर्चाएं तेज हैं। एक बार फिर प्रफुल्ल पटेल ने प्रतिक्रिया दी है।

महाराष्ट्र के भंडारा में मीडिया से बात करते हुए प्रफुल पटेल ने कहा कि लोगों को शायद यह पता न हो, इसलिए मैं बार-बार स्पष्ट कर रहा हूं कि अजित दादा और मेरे बीच जो आखिरी फोन कॉल हुआ था, उसे लेकर कुछ लोगों ने गलत प्रचार किया। मैंने अपने मोबाइल से दिल्ली से उन्हें फोन किया था। मुझे यह भी पता नहीं था कि अजित दादा उस समय किस शहर में हैं।

प्रफुल्ल पटेल ने आगे कहा कि मेरा उद्देश्य केवल इतना था कि पूर्व विदर्भ के किसानों के सरकारी धान खरीदी के भुगतान लंबे समय से लंबित हैं, इस ओर उनका ध्यान आकर्षित करूं। कई दिन बीत चुके थे, इसलिए मैंने उनसे आग्रह किया कि जल्द से जल्द किसानों का बकाया भुगतान जारी किया जाए।

इसके बाद उन्होंने क्या कार्रवाई की, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। कुछ लोग कह रहे हैं कि यह कॉल राइस मिल की फाइल को लेकर था, लेकिन यह पूरी तरह गलत है। किसानों का मुद्दा उठाना और राज्य के उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री को फोन करना, एक जनप्रतिनिधि के तौर पर मेरी जिम्मेदारी और कर्तव्य था। मैंने वही किया।

मेरे फोन की वजह से कोई देरी हुई या कोई और बात हुई इस तरह के आरोप और गलतफहमियां फैलाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह हादसा महाराष्ट्र और देश के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। यह गहरा सदमा है। लेकिन मैंने जो फोन किया था, वह सामान्य लोगों, किसानों के काम के लिए किया था। इस पर गलत प्रचार करना अत्यंत खेदजनक है।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे अन्य किसी बात की जानकारी नहीं है, इसलिए मैं उस पर टिप्पणी नहीं करूंगा। जो भी सच्चाई है, वह सामने आनी चाहिए। जांच पूरी और निष्पक्ष होनी चाहिए। महाराष्ट्र और देश को यह जानने का अधिकार है कि आखिर वास्तव में क्या हुआ।

प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि परिवार का तो नुकसान हुआ ही है, लेकिन अजित दादा के जाने से महाराष्ट्र और देश को भी बहुत बड़ी क्षति हुई है। इसलिए पूरी सच्चाई सामने आनी ही चाहिए। हम लगातार सरकार और संबंधित एजेंसियों के समक्ष इस मामले में फॉलो-अप करते रहेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग बेवजह प्रचार कर रहे हैं। जिस दिन हादसा हुआ, उसी दिन केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री बारामती पहुंचे थे और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन की जांच के निर्देश दिए थे। कुछ दिनों बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने भी सीआईडी जांच की घोषणा की। दोनों एजेंसियां काम कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद हमें लगा कि संभव है इसमें कोई बाहरी या बड़ी एजेंसी की भी भूमिका हो सकती है, या किसी अन्य राज्य अथवा विदेशी तत्व का संबंध हो सकता है। इसलिए हमने सीबीआई जांच की मांग की है।

एनसीपी अजित पवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर कहा कि 26 फरवरी को हम औपचारिक रूप से सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित करेंगे। इसके बाद राज्यसभा से संबंधित नियुक्तियों और चयन पर आगे विचार किया जाएगा।

First Published on: February 20, 2026 11:55 AM
Exit mobile version