मणिपुर हाई कोर्ट ने ख़ारिज किया भाजपा नेता का निर्वाचन

इंफाल। मणिपुर उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को भाजपा नेता ओकराम हेनरी सिंह के राज्य विधान सभा के सदस्य के रूप में निर्वाचन को खारिज कर दिया। 2017 में चुनाव से पहले नामांकन पत्र जमा करने के दौरान अधूरा हलफनामा जमा करने के मामले में यह कार्रवाई की गयी है। न्यायमूर्ति एमवी मुरलीधरन वांगखेई विधान सभा सीट से युमखाम इराबत सिंह को नया विधायक घोषित किया जिन्हें हेनरी ने चुनाव में हराया था।

हेनरी ने 2017 में कांग्रेस के टिकट पर 4,336 वोटों से वांगखेई सीट पर चुनाव जीता था। उन्होंने भाजपा के इराबत को हराया था। बाद में हेनरी 2020 में भाजपा में शामिल हो गये थे। हालांकि हेनरी इस समय विधानसभा के सदस्य नहीं हैं क्योंकि उन्होंने अगस्त 2020 में भाजपा में शामिल होते हुए विधायक के रूप में त्यागपत्र दे दिया था। इसके अगले महीने ही उन्हें राज्य सरकार में मंत्री बनाया गया था।

इराबत ने एक चुनावी याचिका में आरोप लगाया था कि हेनरी ने 2017 में अधूरा हलफनामा दाखिल किया था। इराबत ने उनके निर्वाचन को रद्द करने की मांग की थी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि हेनरी को शपथपत्र में अपनी पत्नी और आश्रितों के नाम आदि का ब्योरा देना था। उन्हें अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों और शैक्षणिक योग्यता की भी जानकारी देनी थी।

उसने कहा, ‘‘लेकिन उन्होंने उक्त जानकारी नहीं दी। प्रतिवादी संख्या 1 (हेनरी) का सूचना नहीं देना जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 और नियमों का उल्लंघन है और इसलिए उनके निर्वाचन को रद्द किया जाता है।’’ हेनरी को पिछले साल 24 सितंबर को राज्य सरकार में नगर प्रशासन, आवास और शहरी विकास, सामाजिक कल्याण तथा सहकारिता विभागों का प्रभार सौंपा गया था।

First Published on: April 15, 2021 8:33 PM
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