मणिपुर हिंसा : सीबीआई ने 6 प्राथमिकी दर्ज की, कथित साजिश की जांच शुरू की


पिछले गुरुवार को केंद्र सरकार ने 3 मई से अशांति का सामना कर रहे मणिपुर में शांति और विश्वास बहाली के लिए कई कार्रवाइयों की घोषणा की थी। इन उपायों में सीबीआई की एक विशेष टीम द्वारा स्थिति की जांच और एक न्यायिक आयोग का गठन शामिल था।


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नई दिल्ली। सीबीआई ने मणिपुर में जातीय हिंसा से संबंधित कथित साजिश की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है और छह एफआईआर दर्ज की हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी मणिपुर यात्रा के दौरान मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। एक अधिकारी ने कहा कि सीबीआई जांच के हिस्से के रूप में, आगे की जांच के लिए छह मामलों की पहचान की गई है। इनमें से एक मामला एक संभावित आम साजिश पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि जातीय हिंसा पूर्व नियोजित थी या नहीं।

आगे कहा कि अशांति के पीछे एक कोऑर्डिनेटेड प्रयास का सुझाव देने वाले किसी भी सबूत को उजागर करने के लिए जांच में विस्तार किया जाएगा।

पिछले गुरुवार को केंद्र सरकार ने 3 मई से अशांति का सामना कर रहे मणिपुर में शांति और विश्वास बहाली के लिए कई कार्रवाइयों की घोषणा की थी। इन उपायों में सीबीआई की एक विशेष टीम द्वारा स्थिति की जांच और एक न्यायिक आयोग का गठन शामिल था।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपनी मणिपुर की यात्रा के दौरान इंफाल में पत्रकारों से कहा था कि सीबीआई की एक विशेष टीम दंगों से जुड़े छह मामलों को संभालेगी। इसके अतिरिक्त, एक सेवानिवृत्त हाईकोर्ट के न्यायाधीश के नेतृत्व में एक न्यायिक जांच आयोग हिंसा कैसे भड़की इसकी जांच करेगा और राज्य में अशांति पैदा करने वाली किसी भी संभावित साजिश की पहचान करेगा।

इसके अलावा शाह ने कहा था कि सरकार उथल-पुथल के कारणों को समझने और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए ये कदम उठा रही है।

ज्ञात हो कि तीन मई को मणिपुर में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच संघर्ष में 100 से अधिक मौतें हुई। इस मामले के संबंध में 3 जून तक मणिपुर में कुल 3,734 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।