राष्ट्रपति के पास भेजने के बजाय राज्यपाल पंजाब के किसान बिल पर बैठ गए हैंः अमरिंदर

‘‘ जनता की बात सुनना सरकार का काम है। अगर कई राज्यों के किसान इस प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं तो इसका मतलब है कि वे वास्तव में दुखी हैं।’’

सुल्तानपुर लोधी। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रदेश के राज्यपाल पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नये कृषि कानूनों के खिलाफ जब किसानों की नाराजगी को दूर करने के लिए पंजाब सरकार ने प्रदेश का कृषि कानून बनाने के लिए विधेयक पर राष्ट्रपति से पास कराने के लिए राज्यपाल के पास भेजा है तो वह इस विधेयक आगे नहीं बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक कस्बों सुल्तानपुर लोधी और डेरा बाबा नानक की यात्रा के दौरान अनौपचारिक तौर पर मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान कहा, ‘‘ जनता की बात सुनना सरकार का काम है। अगर कई राज्यों के किसान इस प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं तो इसका मतलब है कि वे वास्तव में दुखी हैं।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इन कानूनों को किसानों के लिए फायदेमंद बताने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मोदी शुरू से यही कह रहे हैं और यही वजह है कि पंजाब इसके लिए अपने विधेयक लेकर आया।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल इस विधेयक को राष्ट्रपति के पास भेजने की जगह उस पर ‘बैठ’ गए हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सोमवार को कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के संघर्ष को ‘न्यायपूर्ण’ बताते हुये केंद्र सरकार से सवाल किया कि वह किसानों की आवाज क्यों नहीं सुन रही है और इस मुद्दे पर उसका हठी रवैया क्यों है ।

सिंह ने दोहराया कि उनकी सरकार इन ‘काले कानूनों’ के खिलाफ किसानों के साथ खड़ी रहेगी।

First Published on: December 1, 2020 8:20 AM
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