राजस्थान में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने जालोर जिले के बागोड़ा थाना क्षेत्र के गावड़ी गांव में एमडी यानी मेफेड्रोन बनाने की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। ऑपरेशन विष सर्जना के तहत की गई इस कार्यवाही में 400 लीटर रसायन और अत्याधुनिक उपकरण जब्त किए गए। मुख्य आरोपी ओमप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने बताया कि टीम को पहले से बागोड़ा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी थी लेकिन सटीक स्थान का पता नहीं चल पा रहा था। इसी दौरान कबाड़ियों से मिली अहम जानकारी ने जांच को सही दिशा दी। पिछले 15 दिनों से इलाके में घूम रहे कबाड़ियों ने बताया कि एक स्थान से बड़ी संख्या में खाली केमिकल ड्रम मुफ्त में दिए जा रहे हैं। इस सुराग के आधार पर टीम फैक्ट्री तक पहुंची और कार्यवाही को अंजाम दिया।
जब्त 400 लीटर रसायनों से करीब 50 किलोग्राम एमडी तैयार की जा सकती थी जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 15 करोड़ रुपये आंकी गई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि कच्चा माल गुजरात और जोधपुर के विभिन्न इलाकों से भीनमाल की एक ट्रेवल एजेंसी के माध्यम से मंगवाया जाता था।
नेटवर्क का पूर्व सरगना फिलहाल जेल में है और उसके बाद आरोपी ओमप्रकाश ने खुद कमान संभाल ली। उसने इंटरनेट और पुराने अनुभव के आधार पर एमडी बनाने की तकनीक सीखी। पिछले चार महीनों में वह हर 10 दिन में करीब 10 किलो एमडी तैयार कर सप्लाई कर चुका था और अनुमान है कि 15 से 20 करोड़ रुपये का माल बाजार में खपा चुका है।
आईजी विकास कुमार ने बताया कि हाल के वर्षों में डोडा-चूरा और अफीम जैसे पारंपरिक नशे का कारोबार करने वाले कई तस्कर अब सिंथेटिक ड्रग्स की ओर मुड़ गए हैं। एमडी कम लागत में, कम जगह में और अधिक मुनाफे के साथ तैयार होती है। युवाओं में इसकी बढ़ती मांग भी तस्करों को आकर्षित कर रही है। उन्होंने कहा कि आमजन के सहयोग से यह बड़ी कार्यवाही संभव हो सकी और एनटीएफ का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
