कावेरी जल विवाद का मुद्दा एक बार फिर गरमाता दिख रहा है। तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़ने के आदेश के विरोध में कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। इसी के मद्देनजर रामनगर में कन्नड़ रक्षा वेदिके (KRV) के प्रवीण शेट्टी गुट ने जुलूस निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रवीण शेट्टी के नेतृत्व वाली KRV की जिला इकाई के कार्यकर्ताओं ने कावेरी जल नियंत्रण समिति के आदेश को अवैज्ञानिक बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से मांग की है कि तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी न छोड़ा जाए। कन्नड़ संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो जल्द ही कर्नाटक बंद का आह्वान किया जाएगा।
बता दें कि इस बीच 3 अगस्त को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी। जोसेफ विजय का कर्नाटक दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान उनकी कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी।के। शिवकुमार के साथ कावेरी नदी जल बंटवारे के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। दरअसल जब दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य रहता है, तब कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी जल बंटवारे को लेकर विवाद कम देखने को मिलता है लेकिन हर साल बारिश में कमी होने पर यह मुद्दा बेहद संवेदनशील और राजनीतिक रूप से अहम बन जाता है।
इस आदेश को लेकर कर्नाटक में किसानों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया है। गुरुवार से ही मांड्या और मैसूरु जिलों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम हुए हैं। बता दें कि ये गुस्सा तब और बढ़ गया जब कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) ने कर्नाटक की उस अपील को ठुकरा दिया, जिसमें पानी छोड़ने का समय आगे बढ़ाने की मांग की गई थी।
कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष विजेंद्र ने शिवमोग्गा में मीडिया से बात करते हुए प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार कावेरी बेसिन के किसानों के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम रही है। उनका आरोप है कि सरकार कर्नाटक के किसानों के साथ मजबूती से खड़े होने की बजाय तमिलनाडु का पक्ष लेती दिख रही है।
