सुबह की अजान पर नहीं लगाया गया प्रतिबंध : कर्नाटक औकाफ बोर्ड


बेंगलुरु। कर्नाटक राज्य औकाफ बोर्ड ने कहा है कि पूर्वाह्न 10 बजे से शाम छह बजे तक मस्जिदों में लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगाने के वास्ते जारी किए गए सर्कुलर का मकसद सुबह की अजान पर प्रतिबंध लगाना नहीं था। बोर्ड ने 9 मार्च को सभी मस्जिदों और दरगाहों को सर्कुलर जारी किया था कि पूर्वाह्न 10 बजे से शाम छह बजे के बीच लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल न किया जाए क्योंकि इससे लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है।

औकाफ बोर्ड के सीईओ वाई एम मोहम्मद यूसुफ ने नया सर्कुलर जारी किया और कहा कि पहले जारी किए गए सर्कुलर का गलत मतलब निकाला गया। सुबह की अजान में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। पहले आदेश में उल्लेख किया गया था कि यह देखा गया है कि जनरेटर सेटों और लाउडस्पीकरों के कारण कई मस्जिद और दरगाहों के आसपास परिवेश के शोर के स्तर में वृद्धि का मानव स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है।

कर्नाटक स्टेट बोर्ड ऑफ औकाफ ने राज्य के सभी मस्जिदों और दरगाहों (मकबरों) को एक पत्र जारी किया, जिसमें रात 10 से 6 बजे के बीच लाउडस्पीकरों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसमें कहा गया है कि यह मानव स्वास्थ्य और लोगों पर मनोवैज्ञानिक हानिकारक प्रभाव डालते हैं।

9 मार्च के सर्कुलर में बोर्ड ने कहा था, “लाउडस्पीकर का इस्तेमाल रात के समय नहीं किया जाएगा, जिसका मतलब रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक होगा।” इसके साथ ही इसमें साइलेंस जोन के बारे में बताते हुए कहा गया है कि कोई भी इसका उल्लंघन करता है तो वह दंड के लिए उत्तरदायी होगा।



Related