जो गांधी और अन्य महापुरूषों का सम्मान नहीं करते, वे ‘सोनार बांग्ला’ बनाने की बात करते हैं: ममता

जो महात्मा गांधी और देश के अन्य महापुरूषों का सम्मान नहीं करते, वे ‘सोनार बांग्ला’ बनाने की बात करते हैं। रवींद्रनाथ टैगोर कई दशक पहले ही ‘सोनार बांग्ला’ तैयार कर चुके हैं और हमें भाजपा के सांप्रदायिक हमलों से इस संस्थान को बचाने की जरूरत है।

बोलपुर। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा को ‘बाहरी लोगों की पार्टी’ बताते हुए मंगलवार को कहा कि नोबेल पुरस्कार से सम्मानित गुरूदेव रवींद्रनाथ टैगोर की भूमि धर्मनिरपेक्षता पर कभी भी नफरत की राजनीति को हावी नहीं होने देगी।

बोलपुर में एक रैली के दौरान बनर्जी ने विश्वभारती के कुलपति विद्युत चक्रवर्ती को ‘भाजपा का आदमी’ बताया और कहा कि वह ‘‘इस कैंपस के भीतर विभाजनकारी और सांप्रदायिक राजनीति’ को बढ़ावा देकर विश्वविद्यालय की धरोहर को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

बनर्जी ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘जो महात्मा गांधी और देश के अन्य महापुरूषों का सम्मान नहीं करते, वे ‘सोनार बांग्ला’ बनाने की बात करते हैं। रवींद्रनाथ टैगोर कई दशक पहले ही ‘सोनार बांग्ला’ तैयार कर चुके हैं और हमें भाजपा के सांप्रदायिक हमलों से इस संस्थान को बचाने की जरूरत है।’’

बनर्जी ने चार किलोमीटर का रोड शो भी किया।

विश्वभारती के कुलपति पर निशाना साधते हुए तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ने कहा, ‘‘टैगोर की सांस्कृतिक धरोहर को नुकसान पहुंचाने के प्रयासों को पूरी ताकत लगाकर रोकना होगा।’’

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘जब मैं विश्वभारती में सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा दिए जाने के प्रयासों को देखती हूं तो मुझे बुरा लगता है। कुलपति भाजपा के आदमी हैं, वह सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं, विश्वविद्यालय की धरोहर को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा हाल ही में किये गये दलबदल पर उन्होंने कहा, ‘‘आप कुछ विधायकों को खरीद सकते हैं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस को नहीं खरीद सकते।’’

First Published on: December 29, 2020 4:31 PM
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