उप्र चुनाव: सातवें एवं अंतिम चरण का मतदान जारी, पूर्वाह्न नौ बजे तक पड़े औसतन 8.58 प्रतिशत वोट


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी समेत उत्तर प्रदेश के नौ जिलों की 54 विधानसभा सीट पर चुनाव के सातवें एवं अंतिम चरण के तहत मतदान सोमवार सुबह सात बजे शुरू हो गया था…



लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के सातवें एवं अंतिम चरण के मतदान के दौरान सोमवार पूर्वाह्न नौ बजे तक औसतन 8.58 प्रतिशत वोट पड़े।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी समेत उत्तर प्रदेश के नौ जिलों की 54 विधानसभा सीट पर चुनाव के सातवें एवं अंतिम चरण के तहत मतदान सोमवार सुबह सात बजे शुरू हो गया था।

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ल ने रविवार को बताया कि सातवें चरण में पूर्वाह्न नौ बजे तक औसतन 8.58 प्रतिशत वोट पड़े। आजमगढ़ में 8.08 प्रतिशत, भदोही में 7.41 प्रतिशत, चंदौली में 7.72 प्रतिशत, गाजीपुर में 8.39 प्रतिशत, जौनपुर में 8.99 प्रतिशत, मऊ में 9.97 प्रतिशत, मिर्जापुर में 8.81 प्रतिशत, सोनभद्र में 8.39 प्रतिशत तथा वाराणसी में 8.90 प्रतिशत औसत मतदान हुआ है।

उन्होंने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चंदौली जिले की चकिया और सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज तथा दुद्धी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में मतदान शाम चार बजे तक चलेगा। शेष 51 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में शाम छह बजे तक वोट पड़ेंगे।

शुक्ल ने बताया कि सातवें चरण में 2.06 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। इनमें 1.09 करोड़ पुरूष, 97.08 लाख महिला तथा 1027 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। इस चरण के निर्वाचन में कुल 54 विधान सभा क्षेत्रों में 613 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें से 75 महिला प्रत्याशी हैं। सातवें चरण की 54 सीटों में से 11 अनुसूचित जाति के लिए और दो अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं।

शुक्ल ने बताया कि सातवें चरण के चुनाव के लिए कुल 23,614 मतदेय स्थल तथा 12,210 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं। मतदान पर सतर्क दृष्टि रखने के लिए आयोग ने 52 सामान्य प्रेक्षक, नौ पुलिस प्रेक्षक तथा 17 व्यय प्रेक्षक भी तैनात किये हैं। इसके अलावा 1,621 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 195 जोनल मजिस्ट्रेट, 222 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तथा 2,796 सूक्ष्म पर्यवेक्षक भी तैनात किये गये हैं।

आयोग द्वारा राज्य स्तर पर एक वरिष्ठ सामान्य प्रेक्षक, एक वरिष्ठ पुलिस प्रेक्षक तथा दो वरिष्ठ व्यय प्रेक्षक भी तैनात किये गये हैं, जो क्षेत्र में रहकर सम्पूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया का पर्यवेक्षण कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में सातवें चरण की इन 54 सीट में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगियों अपना दल (एस) और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) को कुल 36 सीट मिली थीं। इनमें भाजपा को 29, अपना दल (एस) को चार और सुभासपा को तीन सीटें प्राप्त हुई थीं। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) को 11, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को छह और निषाद पार्टी को एक सीट पर जीत मिली थी। पिछली बार 2017 में अपने दम पर लड़ी निषाद पार्टी इस बार भाजपा के साथ गठबंधन में है, जबकि सुभासपा ने सपा से गठबंधन किया है।

चुनाव के अंतिम चरण में उत्तर प्रदेश के कई मंत्रियों के चुनावी भाग्य का फैसला होगा। इनमें पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी (वाराणसी दक्षिण), अनिल राजभर (शिवपुर-वाराणसी), रविंद्र जायसवाल (वाराणसी उत्तर), गिरीश यादव (जौनपुर) और रमाशंकर पटेल (मड़िहान-मिर्जापुर) शामिल हैं।

इसके अलावा विधानसभा चुनाव से ऐन पहले भाजपा छोड़कर सपा में गए पूर्व मंत्री दारा सिंह चौहान (घोसी-मऊ) और भाजपा का साथ छोड़कर इस बार सपा से गठबंधन कर चुनाव लड़ रहे सुभासपा अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर (जहूराबाद-गाजीपुर), गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी (मऊ सदर) तथा बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह (मल्हनी-जौनपुर) की उम्मीदवारी वाली सीट पर भी इसी चरण में ही वोट डाले जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पूर्ववर्ती छह चरणों में 349 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान संपन्न हो चुका है। अंतिम चरण के लिए मतदान जारी है। प्रदेश में सात चरणों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आगामी 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे।



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