पश्चिमी उत्तर प्रदेश का गौतमबुद्ध नगर एक बार फिर चुनावी अखाड़ा बना हुआ है। यहां पर राजनीतिक दल विधानसभा चुनाव से पहले अपना दमखम दिखाने में जुटी हुई है। समाजवादी पार्टी के बाद अब निषाद पार्टी नोएडा में महर्षि कश्यप जयंती के दौरान एक रैली का आयोजन करने जा रही है। इस रैली में लगभग 10,000 से भी अधिक लोगों के पहुंचने का दावा किया जा है।
दरअसल, नोएडा, ग्रेटर नोएडा में प्रवासी यानी कि पूर्वांचल के काफी अधिक संख्या में लोग यहां रहते हैं। जिसके चलते हर पार्टी नोएडा में अपना जन आधार खोजने की कोशिश कर रही है।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है। जिसका उद्घाटन राज्य की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने चुनाव से पहले यहां दमखम दिखाने के लिए किया। उद्घाटन के वक्त एक जनसभा का भी आयोजन किया था। जिसको प्रधानमंत्री ने संबोधित किया था। इस रैली में लगभग 1 लाख से भी अधिक लोग यहां पहुंचे थे।
दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी पश्चिमी यूपी की दादरी विधानसभा में एक रैली का आयोजन किया था। इस रैली में लगभग 40 हजार लोग पहुंचे थे। इस रैली को अखिलेश यादव सफल मान रहे हैं। अखिलेश यादव ने साल 2012 में भी नोएडा से अपनी चुनावी यात्रा शुरू की थी। फिर साल 2026 में भी नोएडा से ही चुनावी यात्रा शुरू कर रहे हैं। यह रैली खास तौर पर गुर्जर समाज ने इसका आयोजन कराया था। इन सभी का उद्देश्य है, कि पश्चिमी यूपी से अपना जन आधार खोते जा रहे समाजवादी पार्टी को विधानसभा चुनाव में वापस लाना।
इन सबके बीच गठबंधन की सरकार सहयोगी दल निषाद पार्टी भी आप पश्चिमी यूपी में अपना जनाधार खोजने की कोशिश कर रही है। निषाद पार्टी के पश्चिमी यूपी प्रभारी वीरेंद्र डांढा ने बताया कि वह आगामी 5 तारीख को नोएडा में महर्षि कश्यप जयंती के साथ-साथ एक रैली का आयोजन कर रहे हैं। यह रैली नोएडा के सेक्टर 21 नोएडा स्टेडियम में की जाएगी इसमें लगभग 10,000 लोग पहुंचने की उम्मीद है। अगर पार्टी पश्चिमी यूपी में चुनाव लड़ती है तो हम उसके लिए तैयार हैं।
