उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 23 जनवरी को महाराजा सुहेलदेव की जयंती के दौरान एनडीए सरकार में दो मंत्रियों के समर्थक आपस में भिड़ गए। कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर मंच से संबोधित कर रहे थे, इसी दौरान सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए माल्यार्पण करने के लिए मूर्ति के पास पहुंचते हैं। तभी किसी बात को लेकर उनकी भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ तीखी नोक झोक हो जाती है।
हालांकि इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रहती है कि मंच से संबोधित कर रहे मंत्री अनिल राजभर द्वारा सुभासपा नेता ओमप्रकाश राजभर और उनके कार्यकर्ताओं को लेकर अपशब्द का प्रयोग किया जाता है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर पर काफी वायरल है। ओम प्रकाश राजभर के लिए जिन शब्दों का चयन मंत्री अनिल राजभर ने किया, उसकी किसी को संभावना नहीं होगी। इस घटना के बाद माना जा रहा है कि एनडीए में सबकुछ ठीक नहीं है।
सारनाथ स्थित महाराजा सुहेलदेव स्मारक के आसपास कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर और ओमप्रकाश राजभर के समर्थक आमने सामने हो जाते हैं। हंगामा की गूंज जैसे ही मंच से संबोधित कर रहे मंत्री अनिल राजभर तक पहुंचती है, तो वह अपना आपा खो देते हैं और मंच से ही उन्होंने चोर जैसे शब्द का प्रयोग कर दिया। अनिल राजभर ने मंच से कहा- ‘जैसा चोर इसका नेता वैसे चोर ये सब’ । अनिल राजभर के मंच से अपशब्द कहने का वीडियो भी जमकर वायरल हुआ। अब इसके बाद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी नाराजगी जताते हुए धरना प्रदर्शन किया।
इस मामले को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कहा है कि महाराजा सुहेलदेव सभी के हैं। किसी एक के नहीं और हम शांतिपूर्वक वहां पर माल्यार्पण करना चाहते थे। तो इसमें किसी को क्या दिक्कत, लेकिन हमारे नेता के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया गया है। इससे सभी समाज आहत है और आने वाले चुनाव में मंत्री अनिल राजभर को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। वह शिवपुर की जनता के वोट से चुनाव जीते हैं, लेकिन इस तरह से अगर हमारे समाज और हमारे नेता को अपमानित किया जाता है तो आने वाले चुनाव परिणाम में उन्हें इसकी कीमत भी चुकानी पड़ेगी।
