वाराणसी गंगा नदी में इफ्तार पार्टी करने वाले सभी 14 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज


रमजान के दौरान वाराणसी के गंगा नदी में नाव पर युवकों के इफ्तार पार्टी करने वाले 14 आरोपियों को जिला अदालत से राहत नहीं मिली है। वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सभी आरोपियों की ज़मानत याचिका को ख़ारिज कर दिया है।

रमजान के दिनों में इन युवकों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें ये सभी नाव में इफ्तार पार्टी करते दिख रहे थे, कथित तौर पर इस दौरान कुछ हड्डियां भी गंगा में फेंकने का दावा किया गया है।

वादी अधिवक्ता की तरफ से शशांक शेखर त्रिपाठी ने एबीपी न्यूज़ को जानकारी देते हुए बताया कि गंगा नदी सिर्फ एक नदी ही नहीं बल्कि आस्था और सनातन धर्म के सबसे बड़े प्रतीक से जुड़ी हैं और इस प्रकार का कृत्य सीधे तौर पर आस्था के साथ खिलवाड़ है।

न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद स्पष्ट रूप से पाया है कि तथ्य और परिस्थितियां जमानत प्रदान करने के अनुकूल नहीं है। इसलिए 14 आरोपियों के जमानत याचिका को वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने खारिज कर दिया है।

दरअसल ये मामला वाराणसी के कोतवाली थाना अंतर्गत का है। आरोप है कि इन युवकों ने गंगा नदी के नाव पर इफ्तार पार्टी करने और बिरयानी खाकर गंगा नदी में अवशेष फेंके। इस मामले में आरोपियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है, जिसमें 298 299 196 (1)(b) 279 223 ( B) 308(5 ) की BNS धारा, इसके अलावा 67 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें ये सभी युवक नाव पर इफ्तार पार्टी करते हुए दिखाई दे रहे थे। जिसके बाद पुलिस एक्शन में आई थी और सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं इस घटना पर जमकर सियासत भी देखने को मिली थी।



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