मिशन-27 से पहले रणनीतियों को धार देने में जुटी बसपा

नागरिक न्यूज नागरिक न्यूज
उत्तर प्रदेश Updated On :

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के माल एवेन्यू स्थित बहुजन समाज पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आज दिनांक 22 फरवरी रविवार को बसपा सुप्रीमो व उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम मायावती की अध्यक्षता में बड़ी बैठक आयोजित की गई है। यहां आयोजित बी।एस।पी। की ऑल इण्डिया बैठक में पार्टी संगठन को मजबूत बनाने व सर्वसमाज में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने सहित देश के विभिन्न महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दों तथा उनसे जुडे घटनाक्रमों एवं संसद में भी इन सबको लेकर हुए जबरदस्त टकरावं एवं गतिरोध आदि की भी गहन समीक्षा की गयी।

इसके साथ ही ज्वलन्त जनसमस्याओं के निदान के साथ-साथ देश में बेहतर राजनीतिक व साम्प्रदायिक माहौल की जरूरत पर बल दिया गया, ताकि अपने थोड़े ‘अच्छे दिन’ के हकदार करोड़ों गरीब एवं मेहनतकश लोगों को आत्म सम्मान के साथ जीने का वाजिब हक उन्हें उनके जीते जी मिल सके। इस बैठक में मायावती ने सबसे पहले दिनांक 19 दिसम्बर 2025 को ऑल इण्डिया की नई दिल्ली में हुई पिछली बैठक में पार्टी व मूवमेन्ट के हित के मद्देनजर दिये गये जरूरी दिशा-निर्देशों को लेकर राज्यवार प्रगति रिपोर्ट ली।

इसके साथ ही विरोधी पार्टियों और सरकारों द्वारा बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के बहुजन समाज के आत्म-सम्मान व स्वामिमान मिशन के विरुद्ध साम दाम, दण्ड, भेद आदि अनेकों हथकण्डों के बावजूद उन सभी लोगों के मिशनरी योगदान और संघर्ष को सराहते हुये कहा कि यह सर्वविदित है कि बी.एस.पी. जैसे जैसे और जहाँ-जहाँ मजबूत होती जाएगी। वैसे-वैसे वहीं विरोधियों के षडयंत्र भी लगातार बढ़ते जाएंगे, जिसका डट कर सामना करते हुये आगे बढ़ते रहना है। उन्होने कहा कि अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्ति का मिशनरी लक्ष्य प्राप्त करना है।

बीएसपी की इस ऑल इण्डिया बैठक ने इस वास्तविकता को सराहा गया कि मायावती के आयरन नेतृत्च एवं उन्हें ‘बहुजन समाज के आत्म-सम्मान व स्वामिमान की प्रतीक के रूप मानने के साथ- साथ, उत्तर प्रदेश के अधिकतर अम्बेडकरवादियों की तरह ही, देश को अन्य राज्यों में भी लोग उन्हें विभिन्न रूपों में मानकर इस उम्मीद के साथ जी रहे हैं कि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बडेकर की तरह ही मायावती ने भी अपनी सरकार में बहुजन मिशन को आगे बढ़ाकर व संविधान को सही से लागू कराके यहाँ उन सबके जीवन में काफी हद तक सुखद परिवर्तन लायीं है और आगे भी जरूर लायेंगी।

इतना ही नहीं बल्कि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बडेकर को अपना सर्वोच्च मानकर तथा उनके द्वारा निर्मित मानवतावादी संविधान को सच्चा ग्रंथ मानने वाले लोग जो अपने थोड़े अच्छे दिन की चाहत में अपने खून पसीने की कमाई को यहाँ-वहां खर्च करते हैं, वे मायावती को विभिन्न रूप में अलंकृत करके बी.एस.पी. मिशन में अपनी क्षमता के अनुसार तन, मन और धन से सहयोग करते हैं। ताकि उनके भी ‘अच्छे दिन’ आये तथा उनके लिये भी सामाजिक पविर्तन व आर्थिक मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होकर उन्हें भी हर प्रकार की लाचारी व गुलामी से मुक्ति मिले।

बैठक में इस बात का भी संज्ञान लिया कि वास्तव में बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों से साठगांठ व उनसे मिलीभगत कर जो पार्टियां व उनके नेतागण निर्भर रहते हैं, उनका हाल आज नहीं तो कल क्या होता है, यह देश दुनिया के सामने है। इसीलिये बीएसपी अपने लोगों के खून-पसीने की कमाई पर निर्भर रहकर ऐसे तमाम सहारे और इशारों से पाक-साफ है, जो चुनावी बाण्ड व ट्रस्ट आदि के जरिये मिलने वाले चन्दों के रिकार्ड से भी जग जाहिर है तथा केवल ऐसे ही पार्टी व इनके लोग संविधान को उसकी पवित्र कल्याणकारी उद्देश्यों को पूरा कर सकते हैं।

मायावती ने अपने सम्बोधन में यह भी कहा कि विरोधी पार्टियों एवं उनकी सरकारों की खासकर गरीब, किसान व बहुजन विरोधी संकीर्ण, शोषणकारी व द्वेषपूर्ण नीलियों एवं भ्रष्ट कार्यकलापों तथा कथनी व करनी में भारी अन्तर के कारण वे अपनी विश्वसनीयता तेजी से खो रही हैं। ऐसे में यूपी में चारों बार अपनी सरकार के ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय व इससे सम्बन्धित ‘कानून द्वारा कानून के बेहतरीन राज के बल पर बी।एस।पी। लोगों की नई उम्मीद बनकर उभरने से जिम्मेदारी और ज्यादा बढ़ गयी है।

यह भी कहा गया क कि अम्बेडकरवादियों को मायावती के आयरन लेडी नेतृत्व में पूरे तन, मन, धन से लगातार संघर्ष जारी रखना है। जिस बल पर ही यहाँ यूपी में तीन बार गठबंधन की व एक बार पूर्ण बहुमत की भी सरकार बनाकर ‘सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति के क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलतायें अर्जित की है। साथ ही ‘बहुजन समाज को शोषित से शासक वर्ग’ बनाने का मिशन आगे भी हर हाल में व हर कीमत पर जरूर जारी रहेगा।

इसके साथ-साथ, बहुजन समाज के उत्थान के बजाय, अपने थोड़े से स्वार्थ हेतु गुलाम मानसिकता व बिकाऊ लोगों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग बीएसपी के कारण ही आगे बढ़े वे जब बी।एस।पी। के नहीं हुये तो वे समाज के सच्चे हितेषी कैसे हो सकते हैं? ऐसे लोगों तथा उन्हें शरण देने वाली पार्टियों से भी अति सावधानी जरूरी है।

इसके अलावा, विभिन्न देशों के साथ व्यापारिक समझौता में भी विशेषकर अमेरिका के साथ व्यापारिक डील को लेकर देश में उभरी चिन्ताओं का संज्ञान लेते हुये उन्होंने कहा कि कई देशों द्वारा अपने आपको फर्स्ट बनाने हेतु जो कट चौट कम्पीटीशन जारी है उसने शोषणकारी विश्व व्यवस्था को और गहरे संकट में डाल दिया है तथा ऐसे में भारत सरकार के सामने खासकर देश के किसानों सहित बहुजनों के हित व भविष्य को सुरक्षित रखने की बड़ी चुनौती है। भारत ने अपनी शर्तों के आधार पर व्यापारिक डील किये हैं, यह केवल सरकारी दावा नहीं बल्कि हकीकत हो तो यह बेहतर।



Related