सीएम योगी ने जनता के नाम चिट्ठी लिखकर की जागरूक रहने की अपील

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उत्तर प्रदेश Updated On :

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रदेश वासियों से सावधान रहने की अपील की है। सीएम योगी ने चिट्ठी लिखकर लोगों को इससे अलर्ट रहने की जरुरत हैं। सरकार की ओर से डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। उन्होंने लोगों को साइबर अपराधों से बचने की अपील की।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने ‘योगी की पाती’ में साइबर अपराध से सतर्क रहने का संदेश दिया और कहा कि ‘मोबाइल और कंप्यूटर ने हमारे जीवन को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाया है, परंतु इसके साथ ही साइबर अपराध की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। आपकी सरकार इसकी रोकथाम के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।

देश के किसी भी कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। जागरूक बनें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को। आइए, हम सब मिलकर एक सुरक्षित और साइबर अपराध-मुक्त उत्तर प्रदेश का निर्माण करें।’

मुख्यमंत्री ने कहा- आज मोबाइल,इंटरनेट से जीवन आसान हुआ है। लेकिन, साइबर ठगी भी तेजी से बढ़ी है। सरकार ने साइबर अपराध रोकने के लिए बड़ा नेटवर्क खड़ा किया है। उन्होंने जानकारी दी कि 2017 से पहले UP में थे सिर्फ 2 साइबर थाने लेकिन, आज सभी 75 जिलों में साइबर क्राइम थाने व हेल्प डेस्क बनाए गए हैं।

सीएम योगी ने अपनी चिट्ठी मिला लिखा कि साइबर ठगों के विरुद्ध सतर्कता और जागरुकता ही सबसे बजडे शस्त्र हैं। ये अपराधी डिजिटल अरेस्ट जैसे झूठे और भ्रामक शब्दों का प्रयोग करके निर्दोष नागरिकों को डराते और धमकाते हैं और उनके पैसे वसूलते हैं। देश के किसी भी क़ानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है।

पुलिस या अन्य कोई एजेंसियां वीडियो कॉल, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति को गिरफ़्तार नहीं करती और न ही पैसे की माँग करती हैं। सीएम योगी ने लोगों को सोशल मीडिया से सावधान रहने को कहा और कहा कि उसके माध्यम से अपराधी पहले आपकी बारे में सूचनाएं जुटाते हैं और इन्हीं सूचनाओं को आपके विरुद्ध प्रयोग करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी व्यक्तिगत जानकारी या OTP किसी से साझा न करें और साइबर ठगी से बचें। अगर आपके साथ साइबर अपराध हो जाता है तो सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 1930 पर ठगी की शिकायत करें। जल्दी शिकायत करने से पैसा बचने की संभावना ज्यादा होती है। जागरुक बने और अपने आसपास के लोगों को भी जागरुक करें, विशेष तौर पर वरिष्ठ नागरिकों को जागरूक बनाएं ताकि हम सब मिलकर एक सुरक्षित और साइबर अपराध मुक्त प्रदेश निर्माण कर सकें।



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