लखनऊ। पुलिस के बारे में एक कहानी कही जाती है कि “एक बार काले बाल वाले कुत्ते को पुलिस ने इतना टॉर्चर किया कि उसने ये स्वीकार कर लिया कि वो कुत्ता नहीं बल्कि भालू है। दरअसल, भालू ने पुलिस विभाग के एक बड़े अफसर के बेटे को काट लिया था। भालू तो नहीं मिला लेकिन महकमे ने साहब के सामने अपनी त्वरित कार्रवाई दिखाते हुए न सिर्फ कुत्ते को गिरफ्तार कर हवालात में डाल दिया बल्कि गुनाह भी कबूल करवाया।”
खैर, पुलिस की मनमानी और लोगों को बेवजह परेशान करने की और कई कहानियां हैं लेकिन ताजा मामला यूपी के मुरादाबाद जिले का है। यहां एक बैंक कर्मी सिटी कोतवाली पुलिस के खौफ के कारण बीते एक सप्ताह से घरछोड़ कर फरार है। एक महिला ने उसके खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया है। हालांकि शिनाख्त परेड में महिला बैंककर्मी की पहचान नहीं कर सकी, फिर भी पुलिस उस बैंककर्मी को जेल भेजने की तैयारी में है।
इसके डर से बैंककर्मी पुलिस का शिकंजा कसने से परेशान बैंक कर्मी एसएसपी कार्यालय पहुंचा। पत्र देकर बताया कि छेड़छाड़ के आरोपित की पहचान उजागर करने के लिए सिटी कोतवाली पुलिस ने जो शिनाख्त परेड कराई, उसमें पास होने के बाद भी उसे बलि का बकरा बनाया जा रहा है। बेकुसूर होने के बाद भी पुलिस उसे गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। बैंक कर्मी के आरोपों की जांच सीओ कोतवाली को सौंपी गई है।
बताया जाता है कि सिटी कोतवाली क्षेत्र के नई बस्ती कुबड़ा नीम इमामबाड़ा निवासी मुहम्मर सरवर के मुताबिक वह दिल्ली रोड स्थित पार्श्वनाथ प्लाजा स्थित आरबीएल बैंक का कर्मचारी है। तंबाकू वालान की रहने वाली एक महिला की तहरीर पर सिटी कोतवाली पुलिस ने उनके खिलाफ 30 नवंबर को छेड़छाड़ के आरोप में मुकदमा लिखा।
पीड़िता के आरोपों को रंजिश बताकर बैंक कर्मी ने दावा किया कि उसके पर लगे छेड़छाड़ के आरोप बेबुनियाद हैं। जिस वक्त महिला ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया, उस समय वह सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में रहने वाले अपने एक मित्र के पास थे। इस प्रकरण में कोतवाली पुलिस ने 12 दिसंबर को शिनाख्त परेड कराई।
पुलिस के बुलावे पर बैंक कर्मी भी सिटी कोतवाली पहुंचा। वहां पीड़िता नामजद आरोपित होने के बाद भी बैंक कर्मी को पहचान नहीं पाई। बैंक कर्मी का दावा है कि पुलिस के सामने ही पीड़िता ने मौजूद पांच लोगों में से दूसरे व्यक्ति को आरोपित बताया। पीड़िता के बेनकाब होने व आरोपों के बेबुनियाद होने की पुष्टि के बाद भी बैंक कर्मी को परेशान किया जा रहा है।
