लखनऊ/ नई दिल्ली। लखनऊ स्थित बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में एक छात्रा की संदिग्ध फूड पॉइजनिंग से मौत के बाद परिसर में भारी आक्रोश फैल गया। छात्र संगठनों ने छात्रा को न्याय, मेस और विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, वहीं पर घटना के बाद छात्रा के परिजन सदमें में हैं।
मृतक छात्रा की पहचान 21 वर्षीय अनामिका सिंह के रूप में हुई है, जो इंटीग्रेटेड बेसिक साइंस (IBS) प्रथम वर्ष की छात्रा थी और यशोधरा गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। छात्रा मूल रूप से बलिया जिले की रहने वाली थी, उसके पिता वाराणसी में नौकरी करते हैं।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले मेस का खाना खाने के बाद अनामिका की तबीयत बिगड़ गई। विश्वविद्यालय परिसर स्थित क्लिनिक से दवा लेने के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। सूचनाा मिलने पर चार दिन पहले परिजन उसे वाराणसी ले गए, जहां अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार रात उसकी मौत हो गई।
घटना की खबर फैलते ही छात्र संगठनों, खासकर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) से जुड़े छात्रों ने देर रात विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सैकड़ों छात्र कुलपति आवास के बाहर जुटे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल मेस में घटिया और अस्वच्छ भोजन परोसा जा रहा है, जिसकी शिकायत पहले भी कई बार की गई थी, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। छात्रों ने मेस कॉन्ट्रैक्टर का लाइसेंस रद्द करने, हॉस्टल वार्डन और डीएसडब्ल्यू के इस्तीफे की मांग की है।
स्थिति को देखते हुए परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा कड़ी कर दी है और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल ने कहा है कि वे शहर लौटने के बाद ही मामले पर विस्तृत जानकारी दे पाएंगे।
फिलहाल, इस घटना को लेकर छात्रों में गुस्सा बना हुआ है और न्याय की मांग जारी है।
