बलिया। नये कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के खिलाफ दुस्प्रचार करने में बीजेपी के नेता किसी प्रकार के कोर सकर नहीं छोड़ना चाहते हैं। आंदोलन शुरु होने के बाद कई बीजेपी नेताओं और मंत्रियों की तरफ से आ रहे हर रोज नए बयानों से ऐसा लगता है कि दिल्ली की सीमा पर प्रदर्शन करने वाले अन्नदाता किसान नहीं है बल्कि इनकी नजर में देशद्रोही और देश विरोधी ताकत हैं।
इसी कड़ी में अब यूपी के भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुरेंद्र सिंह ने भी विवादित बयान दिया है। उन्होंने नये कृषि कानून के विरोध में हो रहे देशव्यापी किसान आंदोलन को ‘देश विरोधी ताकतों का प्रायोजित धरना’ करार देते हुए दावा किया कि इस आंदोलन को विदेशों से पैसा मिल रहा है।
जिले के बैरिया क्षेत्र के भाजपा विधायक सिंह ने बृहस्पतिवार रात अपने आवास पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘किसान आंदोलन को देखकर लगता है कि यह देश विरोधी ताकतों के द्वारा प्रायोजित धरना है और इसको विदेश से पैसा मिल रहा है।’’
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि ‘‘जिस तरह से विदेशी ताकतें शाहीनबाग में आंदोलन को हवा दे रही थीं, उसी तरह नये कृषि कानून के विरोध में हो रहे देशव्यापी किसान आंदोलन को विदेशी ताकतें हवा दे रही हैं।’’
सिंह ने आरोप लगाया, ‘‘विदेशी ताकतें आंदोलन की आड़ में देश को अस्थिर करना चाहती हैं। आंदोलन में खालिस्तानी चिंतन वाले ही बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को देश विरोधी सोच रखने वाली ताकतों को रौंदते हुए आंदोलन को कुचलना चाहिए और ऐसे लोगों से सख्ती से निपटना चाहिए।’’
बता दें कि सुरेंद्र सिंह अपने विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं। यूपी के हाथरस में दलित लड़की के साथ हुए रेप के मामले पर बोलते हुए कहा था कि मैं विधायक के साथ एक शिक्षक हूं। ये घटनाएं संस्कार से रुक सकती हैं। शासन और तलवार से रुकने वाली नहीं हैं। सभी माता-पिता का धर्म है कि अपनी बेटी को एक संस्कारिक वातावरण में रहने, चलने और शालीन व्यवहार प्रस्तुत करने का तरीका सिखाएं।
