लखीमपुर हिंसा मामला- प्रियंका गांधी ने कहा, नैतिक आधार पर मंत्री इस्तीफा दें, तभी मामले की निष्पक्ष जांच संभव है

Satish Yadav Satish Yadav
उत्तर प्रदेश Updated On :

उत्तर प्रदेश। लखीमपुर हिंसा मामले के कारण सुबे की सियासत एक नया उबाल आ गया है। इसको लेकर प्रदेश ही नहीं बल्कि प्रदेश के बाहर की भी राजनीतिक पार्टियों ने योगी सरकार के खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया हैं। विपक्ष लगातार यूपी में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रही है। साथ ही वो हिंसा में मारे गए किसानों के पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।

वहीं लखीमपुर खीरी की घटना पर गुरुवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि पीड़ित परिवारों को मुआवजा नहीं न्याय चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक उन परिवारों को न्याय नहीं मिल जाता है तब मैं लड़ती रहूंगी।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाते हुए कहा कहा, ‘अभी तक न्याय नहीं मिला, न्याय कैसे मिलेगा अगर वे गृहराज्य मंत्री रहेंगे। ये सब उनके अंडर आता है न। जबतक वे बर्खास्त नहीं होंगे निष्पक्ष जांच कौन करेगा? तीनों परिवारों ने एक ही बात कही कि मुआवजे से हमें कोई मतलब नहीं है, हमें तो सिर्फ  न्याय चाहिए।’

प्रियंका ने जांच की मांग करते हुए कहा, ‘इसके लिए मैं लडूंगी। जबतक ये मंत्री बर्खास्त नहीं होगा और जबतक ये लड़का गिरफ्तार नहीं होगा तबतक मैं बिल्कुल अपने बात पर कायम रहूंगी क्योंकि मैंने उन परिवारों को वचन दिया है। सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज के अंदर जांच होनी चाहिए। नैतिक आधार पर मंत्री इस्तीफा दें।’

आपको बता दें कि इस घटना में लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया इलाके में भड़की हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई थी जिनमें से चार किसान थे। इस मामले में किसानों का आरोप है कि केंद्रीय गृहराज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा ने विरोध जताते किसानों को कुचलकर मार दिया।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने अजय मिश्रा के बेटे के आशीष मिश्रा खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसको लेकर भी लगातार विपक्ष सरकार पर हमलावर है।



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