बलिया। भाजपा सांसद और पार्टी के किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह मस्त ने विपक्षी दलों पर किसानों को नए कृषि कानूनों के बारे में बरगलाकर स्वार्थ साधने के प्रयास करने का आरोप लगाया है। मस्त ने अपने संसदीय कार्यालय सोनबरसा में संवाददाताओं से बातचीत में किसान कानून के विरोध को लेकर विपक्षी पार्टियों पर जमकर निशाना साधा।
आरोप लगाया कि इस कानून के नाम पर विपक्षी पार्टियां किसानों को बरगला कर अपना स्वार्थ साधने का प्रयास कर रही हैं, मगर विपक्षियों को इसमें सफलता नहीं मिलेगी। कहा कि किसानों के साथ बातचीत में सारा मसला हल हो जाएगा।
कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल चाहते हैं कि सरकार के साथ किसानों की वार्ता ही न हो। कृषि कानूनों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनके लागू हो जाने से किसानों की आय बढ़ेगी। यह पूरी तरह से किसानों के हित में है।
भाजपा सांसद ने कहा कि जिन लोगों ने 70 वर्षों से किसानों का शोषण किया है, वे आज किसानों का हितैषी बनकर अपना मतलब साधने में लगे हुए हैं। एक किसान होने के नाते वह यह दावे के साथ कहते हैं कि नये कृषि कानून 110 फीसद किसानों के हित में हैं।
उन्होंने कहा कि नये कानूनों से किसानों का नुकसान कैसे होगा, यह समझ के परे है, न्यूनतम समर्थन मूल्य बंद नहीं होगा इसकी लिखित गारंटी भाजपा का कोई भी जनप्रतिनिधि सरकार की तरफ से लिखकर दे सकता है।
