सीजेआई के कॉकरोच और परजीवी बयान को लेकर युवाओं में आक्रोश

आजमगढ़। गरीबी बेरोज़गारी मुक्त भारत और किसान संगठनों ने मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति सूर्य कांत द्वारा बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच और परजीवी कहे गए अपमानजनक कथन की निंदा करते हुए न्यायिक जवाबदेही सुनिश्चित करने, महाभियोग चलाने और बर्खास्तगी हेतु तत्काल कार्रवाई की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन, जिलाधिकारी आजमगढ़ को दिया।

वक्ताओं ने कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने बेरोजगार युवाओं, छात्रों को “कॉकरोच” और “परजीवी” कहकर घोर अपमान किया है। यह सिर्फ एक टिप्पणी नहीं है, यह एक पूरी सोच है, जो बेरोजगारी की समस्या को सरकार और व्यवस्था की नाकामी मानने के बजाय छात्रों-छात्राओं और युवाओं को दोषी ठहराती है। जब लाखों युवा डिग्री लेकर भी नौकरी नहीं पा रहे हैं, तब न्याय के सर्वोच्च रक्षक उन्हें कीड़े-मकोड़े बताकर उनकी पीड़ा पर नमक छिड़क रहे हैं। यह युवा-विरोधी, छात्र-विरोधी और जन-विरोधी मानसिकता है। यह गलत सोच युवाओं की मेहनत, सपनों और गरिमा पर हमला है। बेरोजगारी, सरकार की नीतियों, आर्थिक विफलता और व्यवस्था की निकम्मेपन की देन है, युवाओं की नहीं।

गरीबी बेरोज़गारी मुक्त भारत और किसान संगठनों ने CJI द्वारा तत्काल सार्वजनिक माफी और उनके आचरण को अनुचित मानते हुए संसद में महाभियोग चलाकर बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। बेरोजगारी मुक्त भारत और युवाओं के सम्मान की ठोस कार्ययोजना घोषित करने की मांग की।

प्रदर्शन में राजीव यादव, वीरेंद्र यादव, डाक्टर राजेंद्र यादव, अधिवक्ता विनोद यादव, सत्यम प्रजापति, हीरालाल यादव, नंदलाल, अवधेश यादव, अनिल गुप्ता मौजूद रहे।

First Published on: May 19, 2026 6:18 PM
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