अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से भी ज्यादा है प्रयागराज का किराया!


प्रयागराज के लिए हवाई किराये में बढ़ोतरी को लेकर चिंताओं के बीच, विमानन नियामक डीजीसीए के अधिकारियों ने पिछले हफ्ते एयरलाइन प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।इस दौरान उनसे उड़ानें बढ़ाने और टिकट की कीमतों को युक्तिसंगत बनाने का आग्रह किया गया।


नागरिक न्यूज नागरिक न्यूज
उत्तर प्रदेश Updated On :

प्रयागराज में आयोजित हो रहे महाकुंभ में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। जिसमें देश-विदेश से श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाने आ रहे हैं। प्रयागराज तक आने के लिए विमानन कंपनियों के किराए आसमान छूने लगे हैं।अमृत स्नान के अवसर पर एक तरफ के टिकट की कीमतें 50 हजार रुपये तक पहुंच गईं हैं। स्थिति यह है कि दिल्ली से प्रयागराज के लिए अगर आप 28 जनवरी को जाने और 29 फरवरी का रिटर्न टिकट देखते हैं तो कीमतें 50 हजार के करीब पहुंच गईं हैं।यानी 1 सीट की कीमत आपको 50 हजार के करीब अदा करनी होगी। इसी तारीख में अगर आप दिल्ली से लंदन का किराया देखें तो 1 सीट का किराया 60-70 हजार रुपये के आसपास हैं।

इस बीच प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने सवाल उठाए और कहा कि सरकार को हवाई किराये पर स्थाई नियंत्रण रखना चाहिए।

राजा भैया ने जहां महाकुंभ के लिए प्रयागराज आने वाले विमानों की संख्या बढ़ाने पर खुशी जताई तो वहीं हवाई कंपनियों द्वारा ज्यादा किराये लिए जाने को लेकर भी सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि ‘प्रयागराज में महाकुम्भ में श्रद्धालुओं के लिये विमानन सेवाओं में वृद्धि का समाचार सुखद रहा किन्तु इतना महँगा किराया देखकर लग रहा है कि कम्पनियों का लक्ष्य अवसर का लाभ उठाते हुये अपनी जेबें भरना है, यात्रियों की सुविधा नहीं।

कुंडा विधायक ने डीजीसीए इंडिया और भारत सरकार को टैग करते हुए सरकार से अपील की कि कृपया इस ओर ध्यान दें, समाधान करें, सामान्यतः भी हवाई किराये पर स्थाई नियंत्रण रहना चाहिये।

राजा भैया के अलावा राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भी इसको लेकर सवाल उठाए हैं। आम आदमी पार्टी (आप) सांसद राघव चड्ढा ने प्रयागराज महाकुंभ के लिए फ्लाइट किराए कम करने की सरकार से अपील करते हुए ये सवाल उठाया है कि जिन फ्लाइट में आम दिनों में टिकट 5 से 6 हजार का होता था, वह 50 से 60 हजार का मिल रहा है।उन्होंने सरकार से अपील की है कि इस किराए पर कैंपिंग लगाई जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु महाकुंभ में पहुंचकर अपनी भागीदारी दर्ज कर सकें।उन्होंने कहा कि सनातन धर्मियों के लिए महाकुंभ आस्था और अध्यात्म का सबसे बड़ा पर्व है।

AAP सांसद ने कहा कि आज जब 144 वर्षों के बाद प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है, तब देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के लाखों करोड़ों लोग स्नान, साधना और तपस्या करने के लिए प्रयागराज जाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, मगर हैरानी की बात यह है कि आस्था और पवित्रता के महापर्व को एयरलाइंस ने, यानी की फ्लाइट कंपनियों ने, अपनी मनमानी कमाई के अवसर में तब्दील कर दिया है।सामान्य दिनों में प्रयागराज की फ्लाइट का खर्च 5 से 8 हजार हुआ करता था।आज वही फ्लाइट आपको 50 से 60 हजार रुपए तक की खरीदनी पड़ रही है।

सांसद ने कहा कि यानी की फ्लाइट कंपनियां श्रद्धालुओं से मनमाने रेट वसूल रही हैं।ऐसे में लाखों श्रद्धालु जो महाकुंभ जाना चाहते थे, आज उन्हें निराश होना पड़ रहा है।यह कंपनियां फायदे के चक्कर में ठीक नहीं कर रही हैं।

उधर, नागर विमानन मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि प्रयागराज की उड़ानों के किराये को युक्तिसंगत बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।मंत्रालय ने कहा कि महाकुंभ के मद्देनजर बढ़ी हुई यातायात मांग को पूरा करने के लिए उड़ानों की संख्या बढ़ा दी गई है।प्रयागराज में 26 फरवरी तक महाकुंभ चलेगा।

प्रयागराज के लिए हवाई किराये में बढ़ोतरी को लेकर चिंताओं के बीच, विमानन नियामक डीजीसीए के अधिकारियों ने पिछले हफ्ते एयरलाइन प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।इस दौरान उनसे उड़ानें बढ़ाने और टिकट की कीमतों को युक्तिसंगत बनाने का आग्रह किया गया। इस समय विभिन्न भारतीय शहरों से प्रयागराज के लिए लगभग 80,000 मासिक सीटों के साथ 132 उड़ानें संचालित हो रही हैं।शहर दिसंबर, 2024 में आठ शहरों से सीधे जुड़ा था, जबकि अब इस संख्या बढ़कर 17 हो गई है।

मंत्रालय ने बयान में कहा कि श्रीनगर और विशाखापत्तनम सहित 26 शहर सीधी और ठहराव के साथ उड़ानों के जरिये प्रयागराज से जुड़े हैं।बयान के मुताबिक, नागर विमानन मंत्री के राम मोहन नायडू ने एयरलाइन कंपनियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि खासतौर से स्नान पर्वों के दौरान हवाई किराये नियंत्रण में रहें।

इसमें कहा गया कि नायडू के निर्देशों के अनुसार विशेष स्नान पर्व के दौरान हवाई किराये पर नियंत्रण रहे, इसलिए डीजीसीए ने एयरलाइन कंपनियों को यात्रियों को समायोजित करने के लिए पर्याप्त क्षमता सुनिश्चित करने की सलाह दी है।ऐसे में अकासा एयर 28 और 29 जनवरी को अहमदाबाद से विशेष उड़ानें संचालित करेगी।फरवरी में अहमदाबाद से नौ उड़ानें और बेंगलुरु से प्रयागराज के लिए 12 उड़ानें संचालित करने की योजना है।

स्पाइसजेट फरवरी, 2025 में दिल्ली, चेन्नई, गुवाहाटी, बेंगलुरु, अहमदाबाद, मुंबई, जयपुर और हैदराबाद से प्रयागराज के बीच उड़ान सेवा शुरू करने की तैयारी में है।



Related