केंद्र सरकार ने ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ (PMUY) के तहत सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की सालाना सीमा नौ से घटाकर चार कर दी है। इसे लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार की आर्थिक और विदेश नीति पर निशाना साधा। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 12 सालों की गरीब-विरोधी आर्थिक नीतियों और Compromised विदेश नीति ने आज देश को ऐसे हालात में ला खड़ा कर दिया है जहां लाखों गरीब परिवारों और महिलाओं को लकड़ी के जहरीले धुएं की तरफ धकेल दिया गया है।
कांग्रेस सासंद राहुल गांधी ने कहा, ‘उज्ज्वला योजना में सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दिया गया। उस पर पिछले 3 महीनों में घरेलू LPG सिलेंडर के दाम 89 रुपये बढ़ा दिया गया। मतलब, पहले दाम बढ़ाओ, फिर सब्सिडी घटाओ, गरीबों का चूल्हा बुझाओ। प्रवासी मजदूरों की जीवनरेखा, 5 किलो का सिलेंडर भी 323 रुपये महंगा कर दिया। वो कमाएगा क्या, खाएगा क्या और बचाएगा क्या?’
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, ‘अरबपति मित्रों को लाखों करोड़ों की कर्जमाफी दिलाना और गरीबों को अपनी नाकामियों का बिल थमाना- ये लूट का मोदी मॉडल है। मोदी जी, क्या आपकी नाकामियों का बोझ सिर्फ गरीब उठाएंगे? क्या आपकी बनाई इस चरमराती अर्थव्यवस्था की कीमत मजदूर, किसान, महिलाएं और मध्यम वर्ग ही चुकाएंगे?’
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी कम करने को लेकर सरकार ने सोमवार (8 जून 2026) को कहा कि यह बदलाव औसत घेरलू खपत को ध्यान में रखते हुए किया गया है। साल 2016 में शुरू हुई इस योजना के तहत पहले लाभार्थियों को साल में 14।2 किलोग्राम के 12 सिलेंडर सब्सिडी पर मिलते थे। हालांकि, पिछले साल सब्सिडी वाले सिलेंडर की संख्या घटाकर नौ कर गई थी, जिसे अब और भी घटाकर चार कर दिया गया है।
सरकार ने मई, 2022 में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए प्रति सिलेंडर 200 रुपये की लक्षित सब्सिडी शुरू की थी, जिसे बाद में अक्टूबर, 2023 में बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया था। यह सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेज दी जाती है। पश्चिम एशिया संकट के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिसका असर भारत पर भी पड़ा है।
