वरिष्ठ गांधीवादी रामधीरज को मिला “जमनाबेन लोकसेवक सम्मान”


नई दिल्ली। वरिष्ठ गांधीवादी समाजसेवी रामधीरज सिंह को महाराष्ट्र के धुले जिले में आज महाराष्ट्र विज्ञान समिति द्वारा “जमनाबेन कुटमुटिया लोकसेवक पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। लोक सेवक सम्मान में उन्हें प्रशस्ति पत्र अंगवस्त्र के साथ 51 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई। यह सम्मान उन्हें समाजसेवा और गांधीवादी विचारों को बढ़ावा देने के लिए दिया गया।

गौरतलब है कि राम धीरज छात्र जीवन से ही सामाजिक-राजनीतिक और आंदोलनात्मक-रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे। अपने शिक्षा कााल में वह इंदिरा गांधी के आपातकाल के विरोध में जेल रहे। जेल से बाहर होने पर जेपी-विनोबा के रास्ते पर चलकर समाज में बेहतरी का अलख जगााते रहे। नब्बे के दशक में आजादी बचाओ आंदोलन के माध्यम से बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रभुत्व के खिलाफ संघर्ष करते रहे।

विगत तीन वर्षों से वह बनारस में मोदी सरकार द्वारा सर्व सेवा संघ को ध्वस्त किए जाने के विरोध में न्यायपालिका और आंदोलन के मध्यम से लड़ाई लड़ रहे हैं।

राम धीरज का जन्म पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली में हुआ, और उनकी शिक्षा-दीक्षा इलाहाबाद में हुई।

सम्मान समारोह में सर्व सेवा संघ के पूर्व अध्यक्ष सुगन बरन, महाराष्ट्र सर्व सेवा संघ अध्यक्ष रमेश दाणे, उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु डॉ. एन. के. ठाकरे, नगरसेविका एवं स्थायी समिति की सभापति बालीबेन मंडोरे, शंभू पाटील तथा गांधी रिसर्च फाउंडेशन के समन्वयक उदय महाजन, लोक समिति संयोजक नंदलाल मास्टर, पूर्व कुलगुरु डॉ. एन. के. ठाकरे समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



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