सुप्रीम कोर्ट ने सर्व सेवा संघ प्रकरण का लिया संज्ञान, रेलवे को विध्वंस की कार्यवाही सुनवाई तक स्थगित रखने का निर्देश


सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई पत्र की प्रति सर्व सेवा संघ की ओर से रेलवे, डीएम और कमिश्नर वाराणसी को दिया गया। बनारस में राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ पर खबर आते ही करतल ध्वनि से स्वागत किया गया।



नई दिल्ली। आज दिनांक 7 जुलाई 2023 को लम्बे समय से ऐतिहासिक सर्व सेवा संघ प्रकरण में चल रही उहापोह की स्थिति समाप्त हुई। मान0 सुप्रीम कोर्ट ने सर्व सेवा संघ प्रकरण का लिया संज्ञान। चीफ जस्टिस डी0 वाई0 चंद्रचूड़ ने रेलवे को विध्वंस की कार्यवाही सुनवाई तक स्थगित रखने को कहा। सुप्रीम कोर्ट में सर्व सेवा संघ का पक्ष रखने के लिये प्रख्यात वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण खड़े हुए। वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि जेपी, विनोबा, प्रथम राष्ट्रपति राजेन्द्र बाबू, लालबहादुर शास्त्री आदि की कोशिशों से बनी हुई ऐतिहासिक महत्व की संस्था पर वर्तमान सत्ता और प्रशासन जो कर रही है वो विधिक स्तर पर तो हमलोग यंहा न्यायालय में लड़ेंगे ही मगर असल मुद्दा है विचारधारा। गांधी की विचारधारा को चोट पहुंचाने की ये कोशिश वस्तुतः देश के उस ढांचे पर प्रहार है जिसे आजादी की लड़ाई के दौरान हमारे पुरखों ने बनाया है।

सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई पत्र की प्रति सर्व सेवा संघ की ओर से रेलवे, डीएम और कमिश्नर वाराणसी को दिया गया। बनारस में राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ पर खबर आते ही करतल ध्वनि से स्वागत किया गया। सर्व सेवा संघ में आन्दोलन के 48वें दिन उपवास का कार्यक्रम रखा गया। समन्वयक रामधीरज की अगुवाई में 50 से ज्यादा लोगो ने दिन भर उपवास पर रहकर सत्ता के मनमानेपन के खिलाफ चल रहे इस ‘ सविनय अवज्ञा सत्याग्रह ‘ में एकजुटता प्रदर्शित किया।

उपवास स्थल पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई की खबर आते ही बनारस भर से सामाजिक राजनैतिक लोग जुटने लगे। उपवास स्थल पर हुई जनसभा में कांग्रेस पार्टी की ओर से पूर्व सांसद डॉ राजेश मिश्रा और प्रांतीय अध्यक्ष पूर्व मंत्री अजय राय ने सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि सर्व सेवा संघ के विचार और आत्मा पर आरएसएस की कुदृष्टि है और इमारत पर भारतीय जनता पार्टी की है। रामनगर से दिनदयाल उपाध्याय स्टेशन तक रेलवे लाइन बिछाते हुए फ्रेट कॉरिडोर का आज प्रधानमंत्री जी उद्घाटन कर रहे हैं। बैरवन मोहन सराय में ट्रांसपोर्ट नगर में गांव के किसानों को बर्बर तरीके से मार पीट कर जमीन जबरन अधिग्रहण की जा रही है। यंहा राजघाट में भी ये सब कवायद जो हो रही है उसके पीछे असल मामला जमीन हथियाना है और अपने पूंजीपति मित्रो को गिफ्ट देना है।

आम आदमी पार्टी की ओर से देवकांत वर्मा और मेयर प्रत्याशी रही शारदा टंडन ने कहा कि सर्व सेवा संघ एक ऐतिहासिक जगह है।
यंहा के वरिष्ठ गाँधीजनो ने पीएम मोदी के बनारस आगमन पर उनसे मिलने का समय माँगा था लेकिन ना तो पीएम कार्यालय ने और ना प्रशासन ने मिलने का कोई समय दिया।

शाम 4 बजे तक इंतजार के बाद प्रधानमंत्री को संबोधित चिट्ठी जागृति राही ने पढ़कर सुनाया। सर्व सेवा संघ पर सरकार और प्रशासन की तरफ से हो रही कार्यवाही से असहमति जाहिर करती हुई इस चिट्ठी का जनसभा ने सर्व सेवा संघ बचाओ गांधी जेपी की विरासत बचाओ आदि नारो से समर्थन किया।

सभास्थल पर इस बात पर आक्रोश व्यक्त किया गया कि बीएचयू के वे छात्र जो सर्व सेवा संघ आंदोलन को समर्थन देने के लिए आज राजघाट आ रहे थे, उन्हें पुलिस ने हॉस्टलों में नजरबंद कर लिया। ये लोकतांत्रिक व्यवस्था का अतिक्रमण है। आपातकाल की बरसी मना रहे मोदी जी , छात्रों के सवाल को दबाकर क्या सन्देश देना चाहते हैं ? हम प्रशासन से मांग करते है कि छात्रों को तत्काल छोड़ा जाए।

इसके बाद शाम 5बजे जुलूस के रूप में परिसर से निकलकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन मां गंगा को सुपुर्द कर दिया गया। मां गंगा से आग्रह किया गया कि आप ही पीएम जो अपने आप को आपका पुत्र कहते हैं, उनको यह पत्र पहुंचा दीजिए और उनसे इस मामले में न्यायोचित कार्यवाही करने को कहें। प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र कार्यक्रम संयोजक राम धीरज ने गंगा जी में प्रवाहित कर याचना की

सभा मे प्रमुख रूप से सर्व सेवा संघ अध्यक्ष चन्दन पाल, रामधीरज , अमरनाथ, डॉ अनूप श्रमिक, नंदलाल मास्टर, अजय राय, डॉ राजेश मिश्रा, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, जागृति राही, वल्लभाचार्य ,सिराज भाई, किसान यूनियन नेता लक्ष्मण प्रसाद, संजीव सिंह, शिवजी सिंह, विजय शंकर पांडेय,वैभव त्रिपाठी, विनोद शुक्ला, आशीष सिंह, धनञ्जय, नीति, डॉ इंदु पांडेय, रैनी , शिवांगी, दीक्षा, शाहिद जमाल हाजी ओकाश , सतनाम सिंह, विकास कनोडिया , सिस्टर फ्लोरेन, जितेंद आदि मौजूद रहे।



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