DND फ्लाईवे पर टोल वसूली रहेगी बंद, सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला रखा बरकरार


दिल्ली नोएडा डायरेक्ट फ्लाई ओवर का निर्माण वर्ष 1997 में शुरू हुआ था। इसकी कुल लागत 407 करोड़ थी जबकि वसूली दो हजार करोड़ से ज्यादा की हो चुकी है।


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उत्तर प्रदेश Updated On :

नोएडा। दिल्ली-नोएडा को जोड़ने वाले डीएनडी फ्लाईवे में टोल वसूली बंद ही रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में आए इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। 2016 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने डीएनडी को टोल फ्री कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि डीएनडी टोल ब्रिज कंपनी के साथ हुआ एग्रीमेंट ऐसा था, जिससे वह हमेशा टोल वसूल करते रह सके। हाई कोर्ट ने इसे हटा कर सही किया। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा NTBCL को बिना सार्वजनिक टेंडर जारी किए ठेका दिया गया। यह पूरी तरह मनमाना और गलत फैसला था।

हाई कोर्ट ने इस वसूली को बताया था अवैध

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि डीएनडी पर टोल की अवैध वसूली हो रही है। हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था वो टोल वसूले जाने पर रोक लगाए। इस मामले में याचिका 16 नवंबर 2012 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर की गई थी। चार साल की सुनवाई के बाद अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। इसके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया था।

इस मामले में डीएनडी नोएडा प्राधिकरण और कंपनी के बीच हुए समझौते को रद्द कर इसे टोल फ्री करने के लिए फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशसन (फोनरवा) ने जनहित याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर की थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि जब फ्लाईओवर की कुल लागत से अधिक की वसूली हो गई है तो क्यों आम जनता पर टैक्स का बोझ डाला जाए।

दिल्ली नोएडा डायरेक्ट फ्लाई ओवर का निर्माण वर्ष 1997 में शुरू हुआ था। इसकी कुल लागत 407 करोड़ थी जबकि वसूली दो हजार करोड़ से ज्यादा की हो चुकी है।



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