उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से बड़ी खबर है। बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री, जिन्होंने नाराजगी जताते हुए गणतंत्र दिवस पर अपना इस्तीफा सौंपा था, उनके खिलाफ योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया गया है।
अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफा मामले में उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। अब मंडलायुक्त बरेली इसकी जांच करेंगे। पूरी जांच के दौरान अलंकार अग्निहोत्री DM कार्यालय शामली से अटैच रहेंगे।
अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रशासन द्वारा प्रताड़ित किए जाने का दावा किया है। इस बीच अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी घर खाली कर दिया। अलंकार अग्निहोत्री का कहना है कि उन्हें डीएम ने बातचीत के लिए बुलाया था।
निलंबित किए जाने के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने फोन कर अलंकार अग्निहोत्री से बात की। उन्होंने कहा कि आपके साथ जो हुआ गलत हुआ है। नौकरी में आप जिस पद पर थे, धर्म क्षेत्र में उससे भी बड़ा पद आपको दिया जाएगा। शंकराचार्य ने कहा कि उन्हें दुख है कि अलंकार अग्निहोत्री ने कितने लगन से पढ़ाई-लिखाई की होगी, तब जाकर इस पद पर पहुंचे होंगे। अब एक झटके में आपका यह पद चला गया, लेकिन दूसरी तरफ उन्होंने जिस तरह सनातन धर्म के प्रति अपनी गहन निष्ठा का प्रदर्शन किया है, उससे पूरा सनातनी समाज उनका अभिनंदन करता है।
गौरतलब है कि बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी नीतियों विशेषकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले पर नाराजगी जताते हुए सोमवार, 26 जनवरी को सेवा से इस्तीफा दे दिया था।
अलंकार अग्निहोत्री ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को ‘काला कानून’ बताते हुए आरोप लगाया था कि ये नियम कॉलेज के शैक्षणिक वातावरण को दूषित कर रहे हैं और इन्हें तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए लाए गए इन नए नियमों के तहत संस्थानों को विशेष समितियां, हेल्पलाइन और निगरानी दल गठित करने को कहा गया है ताकि विशेषकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिकायतों का समाधान किया जा सके।
प्रांतीय प्रशासनिक सेवा (PCS) के 2019 बैच के अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने राज्यपाल और बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह को ईमेल के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा। नेताओं ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह इस्तीफा प्रशासनिक दबाव संकेत है। बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम शाम को अग्निहोत्री के आवास पहुंचे।
अपने इस्तीफे में अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि जब सरकारें ऐसी नीतियां अपनाती हैं जो समाज और राष्ट्र को विभाजित करती हैं, तो उन्हें ‘जागृत’ करना आवश्यक हो जाता है। कानपुर नगर के निवासी अग्निहोत्री पहले उन्नाव, बलरामपुर और लखनऊ समेत कई जिलों में एसडीएम के रूप में कार्य कर चुके हैं और प्रशासनिक हलकों में अपने स्पष्ट विचारों व सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं।
