ईरान के सामने डगमगाए US कैरियर, ट्रंप ने उतारा नया धुरंधर

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विदेश Updated On :

पश्चिम एशिया की जंग अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है जहां अमेरिका चारों तरफ से दबाव में नजर आ रहा है। एक तरफ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब तक पूरी तरह खुल नहीं पाया है, दूसरी तरफ ईरान ने समुद्र में माइंस बिछाकर रास्ता खतरनाक बना दिया है। हालात और बिगड़े जब अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर लिंकन को लेकर हमले की खबर सामने आई, वहीं सबसे बड़े कैरियर जेराल्ड फोर्ड की इस समय ग्रीस में मरम्मत हो रही है। यानी अमेरिका की समुद्री ताकत इस वक्त पूरी तरह एक्टिव नहीं है।

ऐसे हालात में अमेरिका को अब अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है। अमेरिका ने पहली बार समुद्र में बिना चालक वाली ड्रोन स्पीड बोट्स तैनात की हैं। पेंटागन ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि ये बोट्स ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान के खिलाफ चल रही कार्रवाई में इस्तेमाल हो रही हैं।

यह पहली बार है जब अमेरिका ने किसी सक्रिय युद्ध में इस तरह की बोट्स का इस्तेमाल सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है। पेंटागन के मुताबिक, ये ड्रोन बोट्स अब तक 450 घंटे से ज्यादा समुद्र में गश्त कर चुकी हैं और हजारों समुद्री मील कवर कर चुकी हैं। इनका मकसद होर्मुज और आसपास के इलाकों में लगातार नजर रखना और खतरे को पहले ही पकड़ लेना है।

ये ड्रोन बोट गश्त के साथ-साथ हमला भी कर सकती हैं। यह आत्मघाती बनकर खुद को दुश्मन के साथ उड़ा लेंगी। हालांकि अभी तक अमेरिका ने इनका इस्तेमाल सीधे हमले के लिए किया है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। हाल के युद्धों में लगातार इस तरह के समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा है। रूस के ब्लैक सी बेड़े को यूक्रेन ऐसे ही ड्रोन से भारी नुकसान पहुंचा चुका है। वहीं ईरान ने भी खाड़ी में तेल टैंकरों पर ड्रोन अटैक किया।

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका लंबे समय से ऐसी बिना चालक वाली नौसेना तैयार करने की कोशिश कर रहा है, ताकि कम लागत में तेजी से ऑपरेशन किए जा सकें, खासकर चीन की बढ़ती समुद्री ताकत को टक्कर देने के लिए। लेकिन इस प्रोजेक्ट को कई तकनीकी दिक्कतों और देरी का सामना करना पड़ा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, GARC नाम की ये ड्रोन स्पीडबोट करीब 5 मीटर लंबी होती है। पहले इसके परीक्षण में भी कई समस्याएं सामने आई थीं, यहां तक कि एक बार टेस्ट के दौरान यह दूसरी नाव से टकरा गई थी। हाल ही में मिडिल ईस्ट में हुए एक टेस्ट में भी एक ड्रोन बोट खराब होकर बंद हो गई थी। हालांकि पेंटागन ने इन तकनीकी दिक्कतों पर ज्यादा टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।