वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कार्यभार संभालते ही ‘ग्लोबल वॉर्मिंग’ कम करने की वैश्विक लड़ाई में अमेरिका को फिर से शामिल कर दिया है। बाइडन ने बुधवार को अपने पहले भाषण में कहा , ‘‘ ग्रह स्वयं ही खुद को बचाने की गुहार लगा रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ यह गुहार पहले कभी इतनी हताशा भरी और स्पष्ट नहीं थी।’’
We are currently facing four converging crises — COVID-19, the resulting economic crisis, climate change, and racial inequity. Today, President Biden took actions to combat these challenges. pic.twitter.com/091jmvCukk
— The White House (@WhiteHouse) January 21, 2021
बाइडन ने शपथ ग्रहण करने के कुछ घंटे बाद ही ‘पेरिस जलवायु’ समझौते में अमेरिका को पुन: शामिल करने के लिए एक शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए और अपने एक बड़े चुनावी वादे को पूरा किया। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को इस समझौते से बाहर कर लिया था।
बाइडन ने इन पर लगाई मुहर-
-विश्व स्वास्थ्य संगठन से हटने के फैसले को रोका
-क्लाइमेट अग्रीमेंट में अमेरिका की वापसी
-कोरोना महामारी को कंट्रोल करने के लिए मास्क जरूरी
-आम लोगों को बड़े स्तर पर आर्थिक मदद देने का ऐलान
-नस्लभेद को खत्म करने की दिशा में कदम
-बॉर्डर पर दीवार बनाने के फैसले को रोका, फंडिंग भी रोक दी
-ट्रंप प्रशासन द्वारा मुस्लिम देशों पर लगाया गया बैन हटाया
-स्टूडेंट लोन की किस्त वापसी को सितंबर तक टाला गया
पेरिस समझौते में शामिल 195 देशों और अन्य हस्ताक्षरकर्ताओं के लिए कार्बन प्रदूषण को कम करने और उनके जीवाश्म ईंधन उत्सर्जन की निगरानी करने तथा उसकी जानकारी देने का लक्ष्य रखा गया है।
चीन के बाद अमेरिका दुनिया का दूसरे नंबर का सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक देश है।
राष्ट्रपति बाइडेन ने बुधवार को पेरिस जलवायु समझौते में अमेरिका को फिर से शामिल करने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान उन्होंने कहा कि हम ऐसे जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने जा रहे हैं, जो हमने अब तक नहीं किया है। बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेरिस जलवायु समझौता से अमेरिका को बाहर कर लिया था। उनके इस फैसले की आलोचना भी हुई थी।
पेरिस जलवायु समझौता ग्लोबल वार्मिंग को सीमित करने के लिए 2015 में किए गए ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय समझौतों में से एक है। इसी तरह ट्रंप ने WHO से भी अमेरिका को अलग कर लिया था, लेकिन अब नए राष्ट्रपति ने उनका यह फैसला भी पलट दिया है।
व्हाइट हाउस की नई प्रेस सेक्रेटरी जेन साकी ने कहा है कि कार्यकाल के पहले दिन सिर्फ कुछ ही फैसले लिए गए हैं, आने वाले दिनों में कई और महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई जाएगी।वहीं, माना जा रहा है कि बाइडेन कोरोना महामारी को नियंत्रित करने के लिए जल्द कई दूसरे ऐलान भी कर सकते हैं। वह पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों की आलोचना कर चुके हैं, लिहाजा अब उन्हें कुछ ऐसा करना होगा जिससे कोरोना के बढ़ते प्रकोप से अमेरिकियों को मुक्ति दिलाई जा सके।
अमेरिका दुनिया में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देश है और इसके लिए डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को दोषी ठहराया जाता है । ट्रंप शुरुआत से ही कड़े उपायों के खिलाफ रहे और कई मौकों पर उन्हें नियमों का उल्लंघन करते पाया गया। ऐसे में अब जनता को नए राष्ट्रपति से काफी उम्मीदें हैं।








