मारियुपोल इस्पात संयंत्र में ‘‘आत्मसमर्पण करने वाले’’ 2,500 यूक्रेनी सैनिकों के भविष्य को लेकर चिंता


रूस ने मारियुपोल इस्पात संयंत्र से करीब 2,500 यूक्रेनी लड़ाकों को कैदी बनाए जाने का दावा किया है और उनके खिलाफ युद्ध अपराध के मुकदमे चलाने का संकल्प लिया है, जिससे इन सैनिकों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है…


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A view shows destroyed facilities of Azovstal Iron and Steel Works during Ukraine-Russia conflict in the southern port city of Mariupol, Ukraine May 11, 2022. REUTERS/Alexander Ermochenko


पोक्रोव्स्क (यूक्रेन)। रूस ने मारियुपोल इस्पात संयंत्र से करीब 2,500 यूक्रेनी लड़ाकों को कैदी बनाए जाने का दावा किया है और उनके खिलाफ युद्ध अपराध के मुकदमे चलाने का संकल्प लिया है, जिससे इन सैनिकों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

रूस ने अजोवस्तल इस्पात संयंत्र पर नियंत्रण के साथ शुक्रवार को मारियुपोल पर पूरी तरह कब्जा करने का दावा किया। करीब तीन महीने तक रूसी सैनिकों की घेराबंदी में रहा यह बंदरगाह शहर अब मलबे के ढेर में तब्दील हो गया है और यहां 20,000 से अधिक नागरिकों के मारे जाने की आशंका है।

रूस के रक्षा मंत्री सर्गेइ शोइगु ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को मारियुपोल में अजोवस्तल इस्पात संयंत्र और पूरे शहर की ‘‘पूरी तरह मुक्ति’’ की जानकारी दी। यह इस्पात संयंत्र यूक्रेनी प्रतिरोध का प्रतीक बन गया था।

इस युद्ध में पश्चिमी देश यूक्रेन के साथ खड़े हैं और ऐसे में पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा अचानक यूक्रेन पहुंचे और वह रविवार को देश की संसद को संबोधित करेंगे। डूडा के कार्यालय ने यह जानकारी दी।

यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद से पोलैंड में लाखों यूक्रेनी शरणार्थी गए हैं। पोलैंड यूरोपीय संघ में शामिल होने की यूक्रेन की इच्छा का बड़ा समर्थक है। रूस ने यूक्रेन के बंदरगाहों को बाधित कर दिया है, ऐसे में युद्धग्रस्त देश में पश्चिमी देशों की ओर से मानवीय मदद एवं हथियार पोलैंड के जरिए भेजे जा रहे है।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि संयंत्र में छिपे कुल 2,439 यूक्रेनी लड़ाकों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। मंत्रालय ने यूक्रेनी सैनिकों को हिरासत में लिए जाने का एक वीडियो भी जारी किया। इन सैनिकों के परिवारों ने अपील की है कि उन्हें युद्धबंदियों के रूप में उनके अधिकार दिए जाएं और अंतत: उन्हें यूक्रेन को लौटा दिया जाए।

यूक्रेन की उपप्रधानमंत्री इरिना वेरेश्चुक ने शनिवार को कहा कि यूक्रेन उनमें से ‘‘हरेक की वापसी के लिए लड़ेगा।’’

आत्मसमर्पण करने पर सैनिकों को रूस ने बंदी बना लिया और कुछ को दूरस्थ स्थानों पर ले जाया गया।

रूसी प्राधिकारियों ने इस्पात संयंत्र में छिपे कुछ लड़ाकों को ‘‘नाजी’’ तथा अपराधी बताते हुए उन पर युद्ध अपराध के लिए मुकदमा चलाने की धमकी दी है।

मॉस्को समर्थित अलगाववादियों के नियंत्रण वाले पूर्वी यूक्रेन के एक क्षेत्र के प्रमुख डेनिश पुश्लिन ने शनिवार को कहा कि अपने देश के नागरिकों द्वारा नायक समझे जाने वाले यूक्रेनी लड़ाकों को निश्चित तौर पर युद्ध अपराध के लिए मुकदमे का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि कैद किए गए लड़ाकों में कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, लेकिन उन्होंने इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी।

रूसी समाचार एजेंसी ‘इंटरफेक्स’ के अनुसार, रूस की संसद के अहम सदस्य लियोनिद स्लुत्की ने कहा कि मॉस्को इन सैनिकों की पुतिन के निकट माने जाने वाले धनी यूक्रेनी विक्टर मेदवेदचुक के साथ अदला-बदली की संभावना पर विचार कर रहा है। मेदवेदचुक पर यूक्रेन में आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। बहरहाल, स्लुत्की बाद में अपने बयान में पलट गए और उन्होंने पुश्लिन के इस बयान से सहमति जताई कि सैनिकों के बारे में अदालत फैसला करेगी।

संयंत्र पर रूस के कब्जे को लेकेर यूक्रेन सरकार ने अभी कोई टिप्पणी नहीं की है। यूक्रेन की सेना ने लड़ाकों से कहा था कि उनका अभियान पूरा हो गया है और वे बाहर आ सकते हैं।

सैन्य विश्लेषकों का कहना है कि मारियुपोल को कब्जे में लेना इस वक्त सांकेतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है।

शुक्रवार को अन्य घटनाक्रम में पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को अरबों रुपये की और वित्तीय सहायता दी तथा डोनबास में लड़ाई तेज हो गयी है।

यूक्रेनी प्राधिकारियों ने बताया कि रूसी सेना ने लुहांस्क क्षेत्र में एक अहम शहर पर हमले किए तथा एक मुख्य राजमार्ग पर बम बरसाए। एक स्कूल पर भी हमला किया गया। यह क्षेत्र डोनबास का ही हिस्सा है।

वहीं, रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इगोर कोनाशेंकोव ने शनिवार को कहा कि रूसी बलों ने ओडेसा के काला सागर क्षेत्र में यूक्रेन के विशेष संचालन सैन्य अड्डे को नष्ट कर दिया है। मंत्रालय ने उत्तरी यूक्रेन के जाइतोमिर क्षेत्र में यूक्रेन को पश्चिम से प्राप्त सैन्य साजो-सामान की खेप को भी नष्ट करने का दावा किया है।

यूक्रेन सैन्य बल ने शनिवार सुबह बताया कि सिविएरोदोनेस्क, बखमुत और अवदिवका समेत पूर्वी यूक्रेन में भीषण लड़ाई जारी है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि डोनबास यूक्रेन का हिस्सा है और उनके बल उसे आजाद कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति जो. बाइडन ने यूक्रेन की मदद के लिए शनिवार को 40 अरब डॉलर की नयी सहायता से जुड़े विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए। यह विधेयक अमेरिकी कांग्रेस में दोनों दलों के समर्थन से पारित हुआ था। विधेयक रूस के साथ जारी युद्ध के चलते अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे यूक्रेन के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।



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